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50 सीटर छात्रावास में 200 छात्राएं

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अनूपपुर। जिला मुख्यालय स्थित 50 सीटर पिछडा वर्ग कन्या छात्रावास में गुरुवार देर शाम कलेक्टर अजय शर्मा ने पहुंच औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण दौरान आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त पी.एन. चतुर्वेदी तथा मंजूला पूशाम उपस्थित रही। औचक निरीक्षण में कलेक्टर ने छात्रावास का निरीक्षण कर छात्राओ से भोजन, भवन, बिस्तर तथा अन्य समस्याओ के संबंध पूछा तथा सहायक आयुक्त को व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। वहीं 50 सीटर इस छात्रावास में कक्षा 6वीं से महाविद्यालय में अध्ययनरत लगभग 200 छात्राएं है, जिन्हें समस्याओं तथा अव्यवस्थाओं के बीच रहना पड़ रहा है। कलेक्टर ने 50 सीटर पिछडा वर्ग कन्या छात्रावास में छात्राओं की संख्या पूछी गई, जिसमें छात्रावास अधीक्षिका ने बताया की इस छात्रावास में तीन अन्य छात्रावास जिसमें पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास अनुसूचित क्रमांक तीन, प्री/पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास अनुसूचित जाति क्रमांक-दो संचालित है। जिसमें लगभग 200 छात्राएं रहती हैं। जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए सहायक आयुक्त को किराए के भवन लेकर अलग-अलग छात्रावास संचालित करने के निर्देश दिए। छात्राओ ने बताया की छात्रावास में आठ कमरों व दो हॉल है तथा प्रत्येक कमरों में लगभग सात से आठ छात्राएं अव्यवस्था व असुविधा के बीच रहकर परेशान होती हैं। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास की छात्राओं से भोजन के संबंध में पूछा जिसमें छात्राओं ने बताया की एक कमरे में लगभग सात से आठ लोग रहते है तथा भोजन बनाने के लिए उन्होंने दो से तीन लोग का समूह बना है, जो एक कमरे में तीन स्टोव के माध्यम से भोजन बनाते हैं। जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कमरे में ही भोजन बनाने से मना कर अलग भवन में भोजन बनवाने की व्यवस्था के लिए निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्राओ को ठंड में बिस्तर के संबंध में ली जानकारी ली जिसमें छात्राओ ने फटे कंबल, गद्दा होने के साथ ही भवन के अलमारी की टूटी होने की बात कही। छात्राओ ने बताया की वर्ष 2007 से जो भी बिस्तर है जिसे दिया गया है, जिस पर कलेक्टर ने तत्काल ही छात्राओ के लिए ठंड से बचाने के लिए नए बिस्तर उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए। जबकि शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक छात्रावास में पांच वर्षो में बिस्तरो को बदले जाने के नियम है, लेकिन सहायक आयुक्त की उदासीनता व उनकी लापरवाही के कारण आठ कमरो व दो हॉल में 50 सीटर छात्रावास में 200 छात्राओं को मजबूरी में रहना पड़ रहा है।

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