2000 से ज्यादा हिंदुस्तानी मजदूर जेद्दा के सनेशी जेल में कैद

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नई दिल्ली : हिंदुस्तान से सऊदी अरब गए 2000 से ज्यादा लोगों को वहां की पुलिस ने वैध वीजा और पासपोर्ट होने के बावजूद 2 महीने से ज्यादा समय से जेद्दा के सनेशी जेल में कैद कर रखा ह। पिछले महीने एक न्यूज चैनल पर खबर दिखाए जाने के बाद, सऊदी अरब में भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने जेल जा कर भारतीय कैदियों से मुलाकात की थी। ईद से पहले रिहाई का भरोसा भी दिया गया था, लेकिन ईद बीत जाने के बाद भी अब तक न तो रिहाई हो पा रही है और न कोई सुनवाई। ऐसे में भारतीय कैदियों का सब्र का बांध अब टूटने लगा है। आजतक को भेजे वीडियो में भारतीय कैदियों ने कहा है की अगर उनकी रिहाई नहीं हुई तो वह जेल में ही भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। जेल में बंद पीड़ितों ने चैनल से फोन पर बात करते हुए अपनी व्यथा सुनाई और व्हाट्सएप के जरिए वीडियो भेजकर एक बार फिर से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से अपनी रिहाई की गुहार लगाई है। वीडियो में भारतीय कैदियों (अलग-अलग राज्यों से) ने जेल के अंदर बदइंतजामी और खासकर बूढ़े लोग, जो कि बीमार हैं, उनका इलाज ना हो पाने की शिकायत की। कैदियों का यह भी कहना है एक बैरक के कमरे में 64 लोगों को रहने का प्रावधान है, लेकिन 140 से ज्यादा लोगों को डाल दिया गया है। लोग टॉयलट में सोने को मजबूर हैं। गौरतलब है कि इन भारतीयों को सऊदी सरकार की तरफ से 10,000 रियाल (लगभग 1,80,000 भारतीय रुपए) का गरामा यानि जुर्माना लगाया गया है। इसका मतलब यह है कि आप पहली कंपनी से बिना पासपोर्ट वापस लिए अगर किसी और कंपनी में भाग कर काम करते हैं, तो उन पर सरकार जुर्माना लगा गिरफ़्तार कर लेती है और फिर उसे जुर्माना न देने पर उसे वापस उसके देश भेज दिया जाता है। भारतीय कैदियों का कहना है कि हम लोगों को हमारे पुराने कंपनी के मालिकों ने कई महीनों तक सैलरी नहीं दी, तो हम लोग दूसरी कंपनियों में काम करने लगे। एक दिन अचानक वहां की पुलिस हम लोगों को गिरफ़्तार करके इस जेल में ले आई। पुलिस का कहना है कि उन पर सरकार की तरफ से 10,000 रियाल (लगभग 1,80,000 भारतीय रुपए) का गरामा यानि जुर्माना लगाया गया है।
कोटेशन
ईद से पहले रिहाई का भरोसा भी दिया गया था, लेकिन ईद बीत जाने के बाद भी अब तक न तो रिहाई हो पा रही है और न कोई सुनवाई।
कोटेशन
कैदियों का यह भी कहना है एक बैरक के कमरे में 64 लोगों को रहने का प्रावधान है, लेकिन 140 से ज्यादा लोगों को डाल दिया गया है। लोग टॉयलट में सोने को मजबूर हैं।

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