दु:खद: भारत को दो-दो वर्ल्डकप जिताने वाला यह स्टार खिलाड़ी अब देश के लिए कभी नहीं खेल पाएगा

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देश को दो-दो वर्ल्डकप(T-20 वर्ल्डकप 2007 और वनडे क्रिकेट वर्ल्डकप, 2011) जीतने में अहम भूमिका निभाने वाले बाएं हाथ के दिग्गज बल्लेबाज गौतम गंभीर ने मंगलवार को संन्यास की घोषणा कर दी। वह काफी समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे थे। उन्होंने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट कर अपने सन्यास की घोषणा की। माना जाता है कि चयनकर्ताओं द्वारा उनको काफी लंबे समय से नजरअंदाज किये जाने पर उन्होंने सन्यास लेने का मन बनाया।

गौतम गंभीर ने वीडियो में कहा कि ये उनके जीवन का सबसे मुश्किल फैसला था। उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत दिनों से लग रहा था कि इसका समय आ गया है। अपने करियर में मदद करने वालों को गंभीर ने धन्यवाद दिया है।

भारतीय ओपनर ने ट्वीट किया, “सबसे मुश्किल फैसले भारी दिल से लिये जाते हैं। आज भारी मन से मैं वह ऐलान कर रहा हूं जिससे मैं पूरी जिंदगी डरता रहा।” गंभीर आईपीएल की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स को दो बार खिताब जिता चुके हैं। वह दिल्ली डेयरडेविल्स की भी कप्तानी कर चुके हैं।

बता दें कि गंभीर ने इसी माह दिल्ली रणजी टीम की कप्तानी छोड़ी थी। उन्होंने कहा था कि वह युवा खिलाड़ियों को मौका देना चाहते हैं इसलिये यह फैसला लिया। उन्होंने कहा था कि मैं पीछे रहकर नए कप्तान का मार्गदर्शन करूंगा। गंभीर 2007 टी-20 विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा थे। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाए थे। लेकिन फाइनल में वह पाकिस्तान पर मानो टूट पड़े थे। जब फाइनल में बाकि बल्लेबाज रन के लिए तरस रहे थे तो गंभीर की पारी अहम रही थी। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 54 गेंदों पर 75 रन की जोरदार पारी खेली थी। जिसके दम पर भारतीय टीम टी-ट्वेंटी वर्ल्डकप जीतने वाली पहली टीम बनी थी।

साल 2011 वर्ल्टकप का फाइनल मैच कौन भूल सकता है जब श्रीलंका के 276 रनों का पीछा करने भारतीय टीम उतरी तो जल्द ही उसके दो बड़े ब्रम्हास्त्र सचिन-सहवाग पवेलियन लौट चुके थे। ऐसे में गौतम गंभीर ने अपनी सूझ-बूझ से विकेट पर पैर टिका दिया था। उन्होंने 97 रन की जोरदार पारी खेली थी और टीम को 28 साल बाद वर्ल्डकप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। देश उस दिन खुशियों से झूम उठा था।

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