चोट से वापसी के बाद आई दीपा कर्माकर ने वर्ल्ड चैलेंज कप में जीता गोल्ड

0

चोट के कारण करीब 2 साल के लंबे सफर के बाद वापसी कर रही भारत की स्टार जिम्नास्ट दीपा कर्माकर ने रविवार को तुर्की के मर्सिन में चल रहे एफआईजी कलात्मक जिम्नास्टिक्स वर्ल्ड चैलेंज कप की वाल्ट स्पर्धा में स्वर्ण पदक को अपने नाम किया। उन्होंने 14.150 के स्कोर से गोल्ड मैडल हासिल किया। वे क्वालीफिकेशन में भी 13.400 के स्कोर से शीर्ष स्थान पर रही थीं। वर्ल्ड चैलेंज कप में दीपा का ये पहला पदक है।

त्रिपुरा की 24 वर्षीय जिम्नास्ट दीपा साल 2016 रियो ओलंपिक में वाल्ट स्पर्धा के फाइनल में भी पहुंची थी लेकिन जीत ना सकी उस वक्त वे चौथे स्थान पर रही थीं। साथ ही वे यहां तक पहुंचने वाली पहली भारतीय थी। अपने कोच बिश्वेश्वर नंदी के साथ यहां आई दीपा ने क्वालीफिकेशन राउंड में 11.850 के स्कोर से तीसरे स्थान पर रहकर बैलेंस बीम फाइनल्स के लिए भी क्वालीफाई किया।

ओलंपिक के बाद लगातार चोटिल होने के कारण वो अब तक किसी अन्य विश्वस्तरीय स्पर्धा में भाग नहीं ले पाई थी और उन्होंने इसके लिए सर्जरी कराई थी। पहले वे राष्ट्रमंडल खेलों में वापसी करने वाली थीं, लेकिन रिहैबिलिटेशन में उम्मीद से ज्यादा समय के कारण वे गोल्ड कोस्ट में भाग नहीं ले सकीं। ऐसे में उन पर शानदार वापसी कर पदक जीतने का दबाव था और इसके लिए उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी उपलब्धि पर दीपा को बधाई देते हुए कहा कि, ‘भारत को दीपा पर बहुत गर्व है। तुर्की के मेरसिन में एफआईजी वर्ल्ड चैलेंज कप में वॉल्ट इवेंट में अच्छी तरह से योग्य गोल्ड जीतने के लिए ढ़ेर सारी बधाई’।

खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने भी दीपा पर प्रशंसा की और कहा कि, ‘वे एक धमाके के साथ वापस आई है। पिछले 2 वर्षों से चोट लगने के बाद, वे तुर्की में जिमनास्टिक वर्ल्ड चैलेंज कप में अपना पहला पदक जीतकर एक वीर वापसी कर रही है। देश का नाम ऊचां करने के लिए उन्हें कई बधाई।’

बता दें कि दीपा को अगस्त में होने वाले एशियाई खेलों के लिए चुनी 10 सदस्यीय भारतीय जिम्नास्टिक्स टीम में शामिल किया गया है।

Share.

About Author

Leave A Reply