विपक्ष के हंगामे के कारण नहीं पेश हो सका ट्रिपल तलाक बिल

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तीन तलाक बिल पर पक्ष और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बन पाई। राज्यसभा के सभापति ने कहा कि सहमति नहीं बन पाने के कारण ट्रिपल तलाक बिल को पेश नहीं किया जा सका। इससे पहले तीन तलाक के विषय पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी का रुख साफ है। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि राज्यसभा में इस बिल के पास होने की संभावना कम है। विपक्षी पार्टियां यह नहीं चाहती हैं कि सरकार को इस पर कोई सफलता हासिल हो।

आपको बता दें कि गुरुवार को केन्द्रीय कैबिनेट ने बिल में संशोधन की मंजूरी दे दी थी। आरोपी को सुनवाई से पहले जमानत जैसे कुछ संरक्षणात्मक प्रावधानों को इजाजत दी गई है। सरकार के अनुसार इस कदम से इन चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया गया है कि तीन तलाक की परंपरा को अवैध घोषित करने तथा पति को तीन साल तक की सजा देने वाले इस प्रस्तावित कानून का दुरुपयोग किया जा सकता है।

प्रस्तावित कानून ‘‘गैरजमानती’’ बना रहेगा लेकिन आरोपी जमानत मांगने के लिए सुनवाई से पहले भी मजिस्ट्रेट से गुहार लगा सकते हैं।गैरजमानती कानून के तहत, जमानत पुलिस द्वारा थाने में ही नहीं दी जा सकती। केन्द्रीय कानून मंत्री के अनुसार यह प्रावधान इसलिए जोड़ा गया है ताकि मजिस्ट्रेट ‘पत्नी को सुनने के बाद’ जमानत दे सकें। उन्होंने स्पष्ट किया, ‘‘लेकिन प्रस्तावित कानून में तीन तलाक का अपराध गैरजमानती बना रहेगा।’’

सूत्रों ने बाद में कहा कि मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करेंगे कि जमानत केवल तब ही दी जाए जब पति विधेयक के अनुसार पत्नी को मुआवजा देने पर सहमत हो। विधेयक के अनुसार, मुआवजे की राशि मजिस्ट्रेट द्वारा तय की जाएगी। एक अन्य संशोधन यह स्पष्ट करता है कि पुलिस केवल तब प्राथमिकी दर्ज करेगी, जब पीड़ित पत्नी, उसके किसी करीबी संबंधी या शादी के बाद उसके रिश्तेदार बने किसी व्यक्ति द्वारा पुलिस से गुहार लगाई जाती है।

मंत्री ने कहा, ‘‘यह इन चिंताओं को दूर करेगा कि कोई पड़ोसी भी प्राथमिकी दर्ज करा सकता है जैसा कि किसी संज्ञेय अपराध के मामले में होता है। यह दुरुपयोग पर लगाम कसेगा।’’ तीसरा संशोधन तीन तलाक के अपराध को ‘‘समझौते के योग्य’’ बनाता है। अब मजिस्ट्रेट पति और उसकी पत्नी के बीच विवाद सुलझाने के लिए अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। समझौते के योग्य अपराध में दोनों पक्षों के पास मामले को वापस लेने की आजादी होती है।

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