रेलवे स्टॉफ ने 1000 साल बाद का काटा टिकट तो रेलवे पर लगा जुर्माना

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रेल टिकट पर गलत तारीख लिखने के मामले में सहारनपुर की एक उपभोक्ता अदालत ने रेलवे पर जुर्माना लगाते हुए पीड़ित यात्री को मुआवजा देने का आदेश दिया है। बता दें कि बुजुर्ग यात्री विष्णु कांत शुक्ला ने साल 2013 में हिमगिरि एक्सप्रेस का टिकट बुक कराया था। रेलवे ने गलती से उनकी टिकट पर 1000 साल बाद की तारीख लिख दी। जब वह इस टिकट पर यात्रा कर रहे थे, तो टीटीई ने विष्णु कांत शुक्ला को आपमानित करते हुए ट्रेन से उतार दिया।

पीड़ित बुजुर्ग यात्री विष्णु कांत शुक्ला ने सहारनपुर की एक उपभोक्ता अदालत में इसको लेकर मामला दाखिल किया। इसमें कोर्ट ने मंगलवार यानी 12 जून 2017 को फैसला सुनाते हुए रेलवे पर जुर्माना लगाने के साथ ही पीड़ित यात्री को मुआवजा देने का फैसला दिया है। मीडिया से बात करते हुए विष्णु कांत शुक्ला ने बताया कि वह रिटायर प्रोफेसर हैं। उन्होंने हिमगिरि एक्सप्रेस का सहारनपुर से जौनपुर की यात्रा करने के लिए टिकट बुक कराया था। वह 19 नवंबर 2013 को वह हिमगिरि एक्सप्रेस से जौनपुर के लिए यात्रा कर रहे थे।

इस दौरान टिकट चेक रहे टीटीई ने उनके टिकट पर पाया कि 3013 की तारीख लिखी है। टीटीई ने उनको मुरादाबाद स्टेशन पर ट्रेन से उतार दिया। विष्णु कांत शुक्ला कि टीटीई ने ट्रेन में यात्रियों के सामने उनको अपमानिच किया। इतना ही नहीं टीटीई ने उनसे 800 रुपये का जुर्माना भी लिया। उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह बहुत महत्वपूर्ण यात्रा थी। मेरे दोस्त की पत्नी का निधन हो गया था। मैं उनके घर जा रहा था। टीटीई द्वारा अपमानित करने और ट्रेन से उतार देने के बाद उन्होंने सहारनपुर की उपभोक्ता अदालत में शिकायत दर्ज कराई।

अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए रेलवे को 10,000 रुपये जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही पीड़ित बुजुर्ग यात्री शुक्ला के मानिसक उत्पीड़न के लिए 3000 रुपये का अतिरिक्त मुआवजा भी देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने माना है कि बीच यात्रा के दौरान बुजुर्ग को ट्रेन से उतार देने से उनका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न हुआ होगा। इससे पता चलता है कि रेलवे की दी गई सेवाओं में खामियां थीं।

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