राजनाथ सिंह:सहकारी संघवाद को मजबूत करने में क्षेत्रीय परिषद की भूमिका महत्वपूर्ण

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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाकर जनता से जुड़े अहम मुद्दों का हल करने की दिशा में क्षेत्रीय परिषदों की महत्वपूर्ण भूमिका है। लखनऊ में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 21वीं बैठक में उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में सभी क्षेत्रीय परिषदों को सक्रिय बनाया गया है। क्षेत्रीय परिषदों की इस दौरान कुल 11 बैठकें हुईं जबकि स्थायी समिति की 15 बैठकें आयोजित की गईं। उन्होने कहा कि कुल 680 मामलों पर चर्चा की गई जिसमें से 428 हल कर लिए गए। ये मुद्दे बुनियादी ढांचा, चिकित्सा, शिक्षा, कृषि और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों से संबंधित रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैठक सहकारी संघवाद की वास्तविक भावना और सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई।

सिंह ने कहा कि आज की बैठक में कुल 22 मुद्दों पर चर्चा हुई जिसमें से 17 मुद्दे हल कर लिए गए हैं। तीन पर निर्देश जारी कर दिये गए हैं। बाकी दो मुद्दे अगली बैठक में हल कर लिए जाएंगे। बैठक में जिन मुद्दों पर मुख्य रूप से चर्चा हुई उसमें सड़क, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, वामपंथी उग्रवाद से निपटने के तौर तरीके, पुलिस बलों का आधुनिकीकरण, मनरेगा, हवाई अड्डों के बुनियादी ढांचे को उन्नत करना, अनाज भंडारण, न्यूनतम समर्थन मूल्य, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्कूल पुलिस कैडेट और विद्यालयों से जुड़े अन्य मुद्दे शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , उप-मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा तथा केशव प्रसाद मौर्य के अलावा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत , छत्तीसगढ़ तथा मध्य प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रियों तथा केंद्र और प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। क्षेत्रीय परिषद की अगली बैठक छत्तीसगढ़ में होगी।

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