देश के इतिहास में पहली बार सुभाष चंद्र बोस को मिलेगा इतना बड़ा सम्मान

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नरेंद्र मोदी एक ऐसा काम करने जा रहे हैं जो इससे पहले देश के इतिहास में कभी नहीं हुआ। पीएम मोदी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को सम्मान देने के लिए लाल किला पर 21 अक्टूबर को तिरंगा फहराएंगे। दरअसल, अभी तक परंपरा यह रही है कि देश के पीएम साल में एक बार ही लाल किले के प्राचीर से तिरंगा फराहते हैं और वह दिन होता है स्वतंत्रता दिवस का दिन।

लेकिन यह देश के इतिहास में पहली बार होगा जब दो दिन बाद पीएम मोदी इस परंपरा को तोड़ने जा रहे हैं। पीएम मोदी इस बार 21 अक्‍टूबर को भी तिरंगा फहराएंगे। दरअसल, पीएम मोदी के फेसबुक वॉल पर एक वीडियो संदेश जारी किया गया है। इस संदेश में यह बताया जा रहा है कि पीएम मोदी 21 अक्टूबर को लाल किला से तिरंगा फहराएंगे। लोग यह जानना चाह रहे हैं कि आखिर पीएम मोदी ऐसा क्‍यों करेंगे?

आपको बता दें कि सुभाष चंद्र बोस ने देश की आजादी के लिए आजाद हिंद फौज की स्थापना की थी और आजाद हिंद फौज के प्रमुख होने के नाते उन्‍होंने 21 अक्‍टूबर को ही स्‍वतंत्रता दिवस मनाया था। इस साल यानि 21 अक्टूबर 2018 को इस ऐतिहासिक घटनाक्रम के 75 साल पूरे हो रहे हैं। इसलिए पीएम मोदी ने दो दिन बाद लाल किले के प्राचीर से झंडा फहराने का फैसला लिया है।

वीडियो संदेश में पीएम ने बताया है कि अगर कोई समाज अपने इतिहास से कट जाता है, तो उसका कटी हुई पतंग की तरह पतन भी तय जो जाता है। उन्होंने कहा कि इसलिए देश के सभी नागरिकों को अपने इतिहास से जुड़े रहना जरूरी है। हम देश के सभी महान पुरुषों का सम्‍मान करते हैं। ऐसे में जिसने जिसने इस देश की इतनी बड़ी सेवा की हो, वह चाहे किसी भी दल का हो, हमें उसका सम्मान करना चाहिए।

पीएम ने वीडियो में कहा कि 21 अक्टूबर को लाल किले के प्राचीर से होने वाले झंडारोहन कार्यक्रम में शामिल होने का मुझे सौभाग्य मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि अब आप पूछेंगे कि 21 अक्टूबर को झंडा रोहन क्यों? मैं आपको बताता हूं कि 21 अक्टूबर को सुभाष चंद्र बोस के बनाए आजाद हिंद फौज की 75वीं वर्षगांठ पूरे हो रहे है। उन्होंने कहा कि उनके इस कदम का कुछ दल विरोध करेंगे, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वह देश के लिए बलिदान देने वाले लोगों का सम्मान नहीं करेंगे।

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