केरल में होम्योपैथिक विभाग ने निपाह वायरस के मरीजों के इलाज की मांगी अनुमति

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भारत में आतंक मचाने वाले निपाह वायरस के इलाज की दवा तैयार कर ली गई है। ये दावा इंडियन होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन की केरल इकाई ने किया है। संगठन के अधिकारी बी. उन्नीकृष्णन ने कहा कि होम्योपैथिक सभी तरह के बुखार के लिए उचित दवा है और उन्हें संक्रमित मरीजों का इलाज करने की अनुमति दी जानी चाहिए। भारत में इस वायरस से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लगभग 2,000 लोगों को निगरानी में रखा जा रहा है। केरल के कोझिकोड में इस वायरस का प्रकोप सबसे ज्यादा देखने को मिला है। इसी के चलते यहां के सरकारी हॉस्पिटल में अलर्ट भी जारी कर दिया गया है।

यहां के सरकारी अस्पतालों में अलर्ट जारी कर इस जानलेवा वायरस की वजह से कुछ डॉक्टरों की छुट्टियां भी रद्द की गई हैं। इसके अलावा लोक सेवा आयोग ने भी अपनी सभी लिखित और ऑनलाइल परीक्षाएं 16 जून तक के लिए स्थगित कर दी हैं। एसोसिएशन ने राज्य स्वास्थ्य मंत्री के. के. शैलजा से कहा कि जो लोग निपाह वायरस में पॉजीटिव पाए गए है, उन्हें मरीजों के इलाज का अनुमति दी जाए। वहीं, स्वास्थ्य सचिव राजीव सदानंदन ने बताया कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि होम्योपैथिक विभाग सीधे मेरे अधीन काम करता है और अब तक किसी ने मुझसे या विभाग से संपर्क नहीं किया है। हमें इसमें कोई समस्या नहीं है। सदानंदन ने कहा कि निपाह वायरस की जांच के लिए अभी तक 196 नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है, जिनमें 18 पॉजीटिव मामलों में से चार संक्रमित थे। बता दें कि उनका सीधे तौर से मरीजों से कभी कोई संपर्क नहीं रहा।

सचिव ने बताया कि स्वास्थ्य अधिकारियों के समयपूर्ण हस्तक्षेप की वजह से इस संक्रमण को फैलने से रोका गया, लेकिन एक दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि सोशल मीडिया पर झूठी खबरें प्रसारित की गई। इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है और स्थिति नियंत्रण में हैं।

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