उत्तराखंड: शीतकाल के लिए बंद हुए केदारनाथ मंदिर के कपाट

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भैय्या दूज के मौके पर केदारनाथ मंदिर के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शीतकाल के लिए बंद किए गए। केदारनाथ मंदिर में सुबह 5:30 बजे पूजा-अर्चना शुरू की गई, जिसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बाद कपाट 8:15 पर बंद हुए। मंदिर के कपाट बंद होने के बाद केदारनाथ की पंचमुखी डोली अपने शीतकालीन प्रवास ओम्कारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए रवाना हो गई है। केदारनाथ के साथ-साथ आज गंगोत्री मंदिर के भी कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं।

केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं। इसके साथ ही बाबा केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह डोली ओम्कारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए निकल गई है। सेना की बैंड की धुनों के साथ बाबा की डोली विकाली गई, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। डोली आज पहले पड़ान रामपुर पहुंचेगी और रात को यहीं विश्राम किया जाएगा। शनिवार को डोली यहां से काशी विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी।

इसके बाद तीसरे दिन रविवार को डोली अपने शीतकाल प्रवास ओम्कारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी और छह महीने बाबा केदार यहीं विराजेंगे। श्रद्धालु शीतकाल में बाबा केदारनाथ के दर्शन इसी मंदिर में करेंगे।

हाल ही में दिवाली के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ मंदिर के दर्शन किए थे। पीएम मोदी बुधवार सुबह हेलीकॉप्टर से उत्तराखंड पहुंचे और हर्षिल में जानों के साथ दीवाली का त्योहार मनाया। इसके बाद पीएम मोदी केदारनाथ मंदिर पहुंचे और बाबा केदार का आशीर्वाद लिया। दीवाली के मौके पर और पीएम के आने के कारण मंदिर को खास फूलों से सजाया गया था। केदारनाथ मंदिर में पूचा-अर्चना करने के बाद पीएम मोदी ने बाढ़ से मची तबाही के बाद शुरू हुए निर्माण कार्यों का जयाजा लिया।

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