यूपी सीएम के सवाल पर बोले मनोज सिन्हा…

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नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल करने के बाद भाजपा के विधायक 18 मार्च को अपने नेता का चुनाव करेंगे। वैसे इस पद की रेस में रेल राज्य मंत्री और गाजीपुर से भाजपा सांसद मनोज सिन्हा सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। हालांकि, मनोज सिन्हा ने इस संवाददाता से कहा कि मुझे पता नहीं है कि कौन सीएम की रेस में है। मनोज सिन्हा ने यह भी कहा कि मैं रेस में नहीं हूं और मुझे इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि, शनिवार को लखनऊ में बीजेपी विधायक दल की बैठक में आखिरी फैसला होगा। जानें क्या कारण हैं जो मनोज सिन्हा को सीएम की रेस में आगे रखते हैं…
1. छात्र नेता का बैकग्राउंड- मनोज सिन्हा संचार मंत्री, रेल राज्य मंत्री के साथ-साथ एक सिविल इंजीनियर भी हैं। सिन्हा आईआईटी बीएचयू के छात्र रहे हैं। बीएचयू में छात्र नेता के तौर पर वे काफी सक्रिय रहे।
2. मोदी के करीबी- रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। पीएम मोदी और मनोज सिन्हा के बीच आरएसएस के दिनों से ही अच्छे संबंध हैं। जब मोदी प्रचारक थे तब मनोज सिन्हा के गांव आते थे। पीएम मोदी जब गुजरात के सीएम थे तब वह मनोज सिन्हा का प्रचार करने गाजीपुर जाया करते थे।
3. साफ सुथरी छवि- आईआईटी बीएचयू से पढ़े मनोज सिन्हा की छवि काफी साफ सुथरी है। वह राजनीति में सक्रिय रहे और सिन्हा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष भी थे और साल 1996 में सिन्हा पहली बार सांसद बने थे। विवादों से अक्सर दूर रहने वाले मनोज सिन्हा मोदी सरकार में अहम रोल निभा रहे हैं।
4. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में पिछली मुलाकात में सिन्हा के काम और रेल मंत्री के रूप में काफी सराहना की थी और कहा था कि मनोज सिन्हा ने पूर्वी उत्तर प्रदेश विशेषकर वाराणसी के विकास के लिए बढ़िया काम किया है।
5. सिन्हा लोकसभा में तीन बार भाजपा सांसद रहे हैं वह लोअर हाउस में गाजीपुर का प्रतिनिधित्व करते हैं।
6. मनोज सिन्हा भूमिहार जाति से हैं।
कोटेशन
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। पीएम मोदी और मनोज सिन्हा के बीच आरएसएस के दिनों से ही अच्छे संबंध हैं।

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