यमुना के मुद्दे पर श्रीश्री रविशंकार को एनजीटी की फटकार…

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राजधानी में यमुना के किनारे विश्व सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन करने को लेकर आर्ट आॅफ लिविंग के आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर और नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को एनजीटी ने कहा कि रविशंकर द्वारा ट्राइब्यूनल की एक्सपर्ट कमिटी की रिपोर्ट पर लगाए गए पूर्वाग्रह के आरोप चौंकानेवाले हैं। एनजीटी ने आर्ट आॅफ लिविंग संस्था को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि उसका रवैया गैरजिम्मेदाराना है और वह जो मन में आए वह नहीं बोल सकती। मामले की अगली सुनवाई 9 मई को होगी। दरअसल, मंगलवार को रविशंकर ने इस मुद्दे पर फेसबुक पर लिखी एक पोस्ट में कहा था कि विश्व सांस्कृतिक महोत्सव से अगर पर्यावरण को कोई नुकसान पहुंचा है तो इसके लिए सरकार और एनजीटी को ही जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। रविशंकर ने एनजीटी पर नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों को अनदेखा करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि एक ऐतिहासिक कार्यक्रम को अपराध की तरह पेश किया जा रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान एनजीटी ने गुरुवार को कहा कि रविशंकर के पूर्वाग्रह के आरोप चौंकानेवाले हैं। आर्ट आॅफ लिविंग को फटकार लगाते हुए एनजीटी ने कहा, आपको अपनी जिम्मेदारी का बिल्कुल अहसास नहीं है। क्या आपको लगता है कि आपको जो चाहें वह बोलने की छूट मिली हुई है?
कोटेशन
एनजीटी ने गुरुवार को कहा कि रविशंकर के पूर्वाग्रह के आरोप चौंकानेवाले हैं। आर्ट आॅफ लिविंग को फटकार लगाते हुए एनजीटी ने कहा, आपको अपनी जिम्मेदारी का बिल्कुल अहसास नहीं है। क्या आपको लगता है कि आपको जो चाहें वह बोलने की छूट मिली हुई है?

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