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मुसलमान होने की सजा?

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King-Khanहमसे का भूल हुई, हमका सजा मुसलमान होने को मिली
निर्मलेंदु
क्या शाहरुख खान को अपना परिचय देने की जरूरत है? पूरी दुनिया जानती है, लेकिन आश्चर्य! अमेरिका के लोग नहीं जानते। हां, यह भी कह सकते हैं कि मोदी के मित्र ओबामा नहीं जानते। आजम खान ने शुक्रवार को शाहरुख के सवाल पर कहा, ‘देश में मोदी और देश के बाहर मोदीजी के मित्र बराक ओबामा जीने नहीं देते। लोग आखिर कहां जाएं।’ बता दें कि इससे पहले अप्रैल 2012 में भी शाहरुख को न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था। हालांकि वहां दो घंटों तक पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ा दिया गया था। वैसे, शाहरुख ने कुछ समय पहले कहा था कि वह उस घटना को भूल चुके हैं, लेकिन फिर उनको अमेरिकी एयरपोर्ट पर रोके जाने से शाहरुख का गुस्सा ट्विटर पर झलक ही गया। वहीं 2012 से पहले 2009 में भी अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों ने शाहरुख खान को न्यू जर्सी को नेवार्क लिबर्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया था। तब अधिकारियों का कहना था कि खान का नाम उनके कंप्यूटर पर अलर्ट लिस्ट में शामिल था। तब शाहरुख खान से कई सवाल पूछे गए थे कि वह अमेरिका क्यों आए हैं। उनके बैग भी चेक किए गए थे। उन्हें करीब एक घंटे तक कोई फोन कॉल भी नहीं करने दी गई थी। विदेश मंत्रालय ने इस बात पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है कि भारतीय सुपरस्टार को लॉस एंजिलिस हवाईअड्डे पर हिरासत में क्यों लिया गया।
मेरा एक मासूम सा सवाल है कि बार-बार शाहरुख का अपमान क्यों किया जाता है? अगर अमेरिका के अलावा, कोई और मुल्क में उनका अपमान होता है, तो बात समझ में आती है, लेकिन मोदी के तथाकथित दोस्त के मुल्क में शाहरुख के साथ बार-बार इस तरह के वाकये हजम नहीं होते। शर्म आती है। जुबां लड़खड़ा जाती है। हम कहां खड़े हैं? किस देश में रहते हैं? एक ऐसे मुल्क में रहते हैं, जहां अगर किसी शख्सियत को दूसरे मुल्क में अपमान किया जाता है, तो हम चुप बैठते हैं। सवाल यहां यह उठता है कि अगर किसी जानी मानी हस्ती के साथ ऐसा हो सकता है, बल्कि यह कह सकते हैं कि यदि बार-बार हो सकता है, तो एक साधारण व्यक्ति के साथ अगर ऐसा हो, तो ऐसे में वह शख्स क्या करे? हम उस देश में रहते हैं, जहां शाहरुख एक शख्सियत का नाम है। पूरी दुनिया में शाहरुख को बच्चा बच्चा जानते हैं, उस व्यक्ति को यदि उनके बच्चों के सामने नंगा कर दिया जाता है, तो उनके बच्चों पर क्या असर पड़ता होगा? जिस व्यक्ति के आगे पीछे हजारों की फौज लगी रहती हो, उस शख्सियत को अगर द्रौपदी की तरह भरी सभा में नंगा कर दिया जाता है, तो उनके चाहनेवालों पर क्या असर पड़ता होगा। राजीव शुक्ला ने अमेरिका को लताड़ा, कहा, अपना डाटा सुधारें। विपक्ष में रहने के बावजूद राजीव शुक्ला ने अमेरिका को लताड़ा, लेकिन सरकार में रहकर लोगों ने इसका विरोध नहीं किया, शायद इसलिए क्योंकि वह मुसलमान हैं? इससे हिंदूवादी पार्टी की छवि खराब होगी? आरएसएस वाले खफा हो जाएंगे।
आश्चर्य की बात तो यह है कि जिस एसआरके को पूरा देश सिर पर बिठा कर रखता है, सवाल यह है कि उस सुपरस्टार का इस तरह से बार-बार कचरा करने का अधिकार क्या अमेरिका की सुरक्षा विभाग को है? इन घटनाओं से एक बात साफ हो जाती है कि सबसे ज्यादा असहिष्णु अमेरिका-यूरोप ही हैं। वैसे, मेरा तो मानना यही है कि अगर शाहरुख वहां से वापस लौट आते, तो अमेरिका के मुंह पर करारा तमाचा होता। इस अपमान से किंग खान आहत तो हुए हैं, लेकिन उन्होंने सब्र करते हुए बस यही कहा कि आज दुनिया की हालात देखते हुए मैं जांच का सम्मान करता हूं, लेकिन हर बार रोका जाना काफी परेशान करता है। उनके जवाब में उनकी झुंझुलाहट साफ दिख रही थी। चेहरे पर अपमानित होने का दर्द झलक रहा था। शाहरुख एक बड़े ऐक्टर हैं, इसलिए उनकी झुंझुलाहट लोगोें को समझ में नहीं आया, उनकी झुंझुलाहट ठीक तरह से व्यक्त नहीं हो पाई, लेकिन उनका दर्द दिखा। बच्चों के सामने एक शख्सियत का मान सम्मान गिर कर चूर चूर हो गया। वह दर्द, वह असम्मान सहना शायद शाहरुख के लिए संभव नहीं होगा। इसीलिए शाहरुख ने कहा कि बार बार रोका जाना काफी परेशान करता है। कष्ट होता है, दर्द होता है, मन में एक हूक सी उठती है कि क्या मुसलमान होने की यही सजा है?
जब शाहरुख से सवालात किए जा रहे थे, शायद शाहरुख के मन में यह गीत बज रहा था — हमसे का भूल हुई, हमका सजा मुसलमान होने को मिली।

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