14 साल पहले दबाई गई थी 555 जिंदा मिसाइलें, अब सेना के जवान नष्ट करने में जुटे

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जसपुर के पतरामपुर चौकी के पीछे दबी 555 जिंदा मिसाइलों को नष्ट करने के लिए भारतीय सेना की 12 सदस्य टीम मौके पर पहुंच चुकी है। सेना की टीम ने जेसीबी की मदद से मिसाइलों को निकालने का काम शुरू कर दिया है। बता दें कि 555 जिंदा मिसाइलें 14 साल पहले काशीपुर की SG स्टील फैक्ट्री में स्क्रैप के रूप में दफ्तर आई थी। बाद में एक मिसाइल में धमाका हुआ था जिसके बाद पता चला कि वह स्क्रैप नहीं बल्कि मिसाइल है। उस हादसे में 1 कर्मचारी की मौत भी हो गई थी।

उस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर बाकी मिसाइलों को जसपुर के पतरामपुर चौकी के पीछे दबा दिया था। मिसाइलों को नष्ट करने के लिए प्रशासन की टीम ने कई बार संबंधित विभाग को चिट्ठी लिखी। आखिरकार, भारतीय सेना ने मिसाइलों को नष्ट करने का जिम्मा उठाया।

555 दबी मिसाइलों को नष्ट करने के लिए बाराबंकी से पहुंची इंडियन आर्मी की 201 काउंटर एक्सप्लोसिव डिवाइस यूनिट टीम बुधवार को जसपुर पहुंची। इंडियन आर्मी ने इस ऑपरेशन को ‘555 पतरामपुर’ नाम दिया है। सेना के जवानों ने मिसाइलों की खोज शुरू कर दी है। जानकारी मुताबिक, 15 फीट तक गहरे गड्ढे JCB की मदद से खोदे जा चुके हैं।

अब तक 20 मिसाइलों को निकाला जा चुका है। जानकारी के मुताबिक, यह ऑपरेशन करीब एक सप्ताह तक चलेगा। ऑपरेशन की अगुवाई कैप्टन विकास मालिक के नेतृत्व में किया जा रहा है।

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