शिमला में अटल बिहारी वाजपेयी का किया गया अस्थि विसर्जन

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पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का अस्थि विसर्जन हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के मनाली के पास बांहग में किया गया। इसके लिए अटल जी की बेटी नमित्ता भट्टाचार्य यहां पहुंची थीं। गुरूवार को अटल जी के अस्थि कलश को उनके गांव प्रीणी से बांहग लाया गया। प्रीणी के सैकड़ों ग्रामीणों ने अपने मुखिया अटल जी को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। उसके बाद अस्थि कलश को वशिष्ठ चौक में ब्यास किनारे पहुंचाया गया। जहां पंडित शाम चन्द शास्त्री ने हिन्दू विधि विधान के अनुसार अस्थियों का विसर्जन करवाया। अस्थि विसर्जन के दौरान अटल की पुत्री नमिता भटाचार्य, दामाद रंजन भटाचार्य, भतीजा अनूप मिश्र, हिमाचल के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर तथा अन्य भाजपा के नेता मौजूद थे।

इस अवसर पर अटल जी को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के हिमाचल में दिए योगदान की यादों को जिंदा रखने के लिये सरकार रोहतांग सुरंग का नाम श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर नामकरण करने जा रही है। वहीं राज्य सरकार द्वारा आरम्भ की गई मुख्यमंत्री आदर्श विद्या केन्द्र योजना का नाम श्री अटल आदर्श विद्या केन्द्र तथा मुख्यमंत्री आर्शीवाद योजना का नाम श्री अटल आर्शीवाद योजना किया गया है। वाजपेयी जी की याद में स्मारक और शिमला स्थित रिज या मॉलरोड में श्री वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित की जा रही है व कोल डैम परियोजना का नाम बदल कर अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा जाएगा।

उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी जी के बहुमुखी व्यक्तित्व का वर्णन करते हुए कहा कि राजनेता होने के अलावा वह एक उत्कृष्ट वक्ता, कवि और एक भावुक पत्रकार भी थे। वाजपेयी जी हमेशा हिमाचल प्रदेश को अपना दूसरा घर मानते थे। जब भी उन्हें अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय मिलता था तो वे राज्य की यात्रा करना पसन्द करते थे। वाजपेयी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार थी। जिसने वर्ष 2003 में हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में हजारों करोड़ रुपए के निवेश के साथ-साथ राज्य के लाखों युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।

 

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