राजस्थान: संकल्प रैली के लिए करौली जाते समय पायलट और गहलोत को दिखाए गए काले झंडे

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आमतौर पर आपने लोगों को सत्ता पक्ष के उम्मीद पर खरा नहीं उतरने के कारण निराश होकर विरोध करते हुए देखा होगा। लेकिन विपक्ष से भी अब लोग हताश हैं। सत्ता में बैठीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से बेरोजगार युवकों सहित कुछ समाज नाराज हैं और जगह-जगह राजस्थान गौरव यात्रा का विरोध भी हो रहा है। इधर, कांग्रेस का भी विरोध करते हुए लोगों को आसानी से देखा जा सकता है। कुछ मुद्दों पर कांग्रेस से नाराज होकर लोग प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और राष्ट्रीय महासचिव व दो बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत को काले झंडे दिखा रहे हैं। विरोध करने वाले लोग नारे लगा रहे थे, वोट फॉर नोटा।

वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा का जवाब देने के लिए कांग्रेस अपनी संकल्प रैली का आयोजन कर रही है। भरतपुर संभाग में हो रही कांग्रेस की संकल्प रैली के दौरान सवर्ण और ओबीसी समाज द्वारा विरोध देखने को मिला। संकल्प रैली के लिए करौली जाते समय पायलट और गहलोत का काफिला जब हिंडौन सिटी से निकला, तो लोगों ने कतार में सड़क किनारे खड़े होकर दोनों को काले झंडे दिखाए। यहां लोग कांग्रेस के विरोध में नारे लगा रहे थे। इन लोगों ने बताया कि एससी/एसटी एक्ट को लेकर कांग्रेस की कार्यप्रणाली को लेकर उनमे गुस्सा है।

लोगों ने कहा कि जब सवर्ण व ओबीसी समाज ने 6 सितम्बर को बंद रखा था, तो कांग्रेस गायब थी। जब कांग्रेस ने 10 सितम्बर को राफेल डील, पेट्रोल-डीजल दाम व महंगाई को लेकर बंद रखा, तो हमसे साथ देने की उम्मीद रख रही थी। लोगों का आरोप है कि एससी/एसटी एक्ट मामले में जब विरोध हो रहा था, तो कांग्रेस ने साथ नहीं दिया।

कांग्रेस के हिंडौन अध्यक्ष नरेश गुर्जर और कांग्रेस जिला अध्यक्ष के बेटे पंकज व अन्य पदाधिकारियों ने विरोध करने वाले लोगों को भगाने के लिए उन पर पत्थर फेंके और लाठियों से हमला भी किया। पुलिस को भी दोनों गुटों को एक दूसरे से अलग करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।

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