बंगला विवाद: पटना हाई कोर्ट का आदेश तेजस्वी यादव को खाली करना पड़ेगा बंगला

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पटना हाई कोर्ट ने बिहार विधानसभा में विपक्षी नेता तेजस्वी यादव के बंगला विवाद पर दायर अपील खारिज करते हुए उन्हें राहत देने से इंकार कर दिया। चीफ जस्टिस ए पी शाही की खंडपीठ ने पिछले सप्ताह तेजस्वी यादव की अपील पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था,जिसे आज सुनाया गया। बता दें कि राज्य सरकार ने तेजस्वी यादव के उप मुख्यमंत्री से हटने के बाद उन्हे 5 देशरत्न मार्ग पर स्थित सरकारी बंगला को खाली का आदेश दिया है। इस आदेश को तेजस्वी ने याचिका दायर कर चुनौती दी, लेकिन एकल पीठ ने राज्य सरकार के आदेश को सही ठहराया। माना जा रहा है कि तेजस्वी यादव अब इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं।

इससे पहले सिंगल बेंच ने तेजस्वी यादव को बंगला खाली करने के सरकारी आदेश को सही करार देते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इस आदेश को चुनौती देते हुए तेजस्वी यादव ने अपील दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट की डिवीज़न बेंच ने सुनवाई पूरी की और 7 जनवरी तक फैसला सुरक्षित रखा था।

दरअसल तेजस्वी यादव पटना के 5 देशरत्न मार्ग पर स्थित उस बंगले में रहते हैं जो उपमुख्यमंत्री के लिए चिन्हित किया गया है। जब वे बिहार के डिप्टी सीएम थे तो उस हैसियत से उन्हें ये बंगला दिया गया था, लेकिन हाल में बिहार सरकार ने बंगला खाली करने को कह दिया है।

आपको बता दें कि जब तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम की हैसियत से थे तो उन्होंने अपने बंगले की साज सज्जा पर विशेष ध्यान दिया था। करोड़ों रुपये खर्च कर बंगले को रेनोवेट किया गया था। एक-एक सोफे की कीमत 50-50 हजार तक कही जाती है। इसी तरह अन्य कीमती सामान भी तेजस्वी ने अपनी पसंद से लगवाए हैं। सेंट्रल पूल के आवास मंत्रियों के लिए होते हैं और उसे आवंटित करने के लिए भवन निर्माण विभाग अनुशंसा करती है। इनमें मंत्री और जज समेत वीवीआईपी शामिल होते हैं। बाकी विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के लिए आवास का आवंटन विधानसभा अध्यक्ष या विधान परिषद के सभापति करते हैं।

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