पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, सरपंचों के खाते सील

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हरियाणा में पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है जिसके तहत पराली जलाने वाले गांवों के सरपंचों के खाते अगले छह माह के लिए सील कर दिए गए हैं तथा करीवाला गांव के सरपंच को निलंबित कर दिया गया है। पंजाब की तरह हरियाणा में भी धुआं आसमान में छाये रहने से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर देखा जा रहा है। सरकार के प्रयासों के बावजूद किसान गुपचुप पराली को आग लगाकर गेहूं के लिये खेत तैयार करने में लगे हैं।

सिरसा के जिला उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने आज अधिकारियों के साथ एक बैठक कर जिले के जिन गावों में पराली जलाई गई है, आगामी छह माह तक उनकी भूमि रजिस्ट्री,ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) व वाहनों का रजिस्ट्रेशन (आरसी) पर पाबंदी लगा दी है। इन गांवों के सरपंचों के खातों को भी छह माह के लिए सील कर दिये जाने के आदेश पारित किए हैं। उन्होंने पराली न जलाने के आदेशों की समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को पराली जलाने वाले गावों में तुंरत कार्यवाही के आदेश दिये। उन्होंने जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को निर्देश दिये कि ऐलनाबाद खंड के गांव करीवाला के सरपंच ने पराली न जलाने के आदेशों का बहिष्कार करते हुए अपने खेत में पराली जलाई, इस पर सरपंच बूटा सिंह को निलंबित करने के आदेश दिए।

उन्होंने सभी तहसीलदारों को निर्देश दिये कि कानूनगों, पटवारियों को सख्त निर्देश दें कि वे जहां भी पराली जलाई गई है उनका चालान काटें तथा पर्यावरण प्रदूषण नियम के तहत केस दर्ज करें.जिन गांवों में पराली जलाई जा रही है तथा जलाई जा चुकी है उन सभी गांवों के सरपंचों को नोटिस जारी किया जाए। उन्होंने जिला राजस्व अधिकारी को निर्देश दिये कि वर्ष 2016 से लेकर अब तक जिन गांवों के किसानों ने पराली जलाने के चालानों के भुगतान नहीं किए हैं उनकी रिपोर्ट तथ्यों के साथ प्रदूषण विभाग को दें ताकि उनके खिलाफ पर्यावरण प्रदूषण करने का केस दर्ज किया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी तहसीलदार उन सरपंचों, नंबरदारों, पटवारियों तथा अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को रिपोर्ट देने को कहा है ताकि पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

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