पंजाब: इन दो कुत्तों ने अपने काम से किया अधिकारियों को खुश, अब होगा प्रमोशन

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सुनने में भले ही कुछ अटपटा लगे, लेकिन यह सच्च है कि पंजाब पुलिस के शवान दस्ते में दो ऐसे कुत्ते हैं, जो अपनी वफादारी के लिए इंसान को भी पीछे छोड़ देते हैं। लिहाजा अब दोनों के सराहनीय काम को देखते हुए इन्हें प्रमोशन देने के लिए पत्र लिखा जा रहा है। जेल एसपी खन्ना बताते हैं कि टॉमी और पीटर को असिस्टेंट बनाने के लिए जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा व एडीजीपी जेल पंजाब आईपीएस सहोता को लिखा जा रहा है।

माडर्न जेल कपूरथला के सुरक्षा दस्ते में करीब ढाई साल पहले शुमार हुए टॉमी और पीटर अभी केवल सिपाही के रैंक पर हैं, लेकिन इनकी काबिलियत ऐसी है कि जेल में कैदियों के नारकोटिक्स और मोबाइल लाने को पकड़ने में इनका सबसे अहम योगदान है। जेल की बैरकों में बंद करीब तीन हजार कैदियों की रुटीन चेकिंग में डॉग स्क्वायड के दोनों सिपाही टॉमी एंड पीटर भी शामिल रहते हैं।

इनकी तलाशी में किसी कैदी का बचकर निकलना नामुमकिन है। इन दोनों सिपहसलारों को एडीजीपी जेल पंजाब आईपीएस सहोता के निर्देश पर सूबे की अन्य जेलों में भी चेकिंग के लिए ले जाया जाता है। जल्द ही इन्हें रिफ्रेशर कोर्स करवाने के लिए फिल्लौर पुलिस अकादमी भी भेजा जाएगा, ताकि इनकी कार्यशैली में और निखार आ सके।

शवान दस्ते के इंचार्ज-कम-सहायक सुपरिंटेंडेंट सलिंदर सिंह, हवलदार जोगिंदर पाल और वार्डर सतीश कुमार की देखरेख में दोनों डॉग का खास ख्याल रखा जाता है। इन दोनों डॉग की खुराक पर भी जेल प्रशासन की ओर से खास तवज्जो दी जाती हैं। इन्हें दिन में दूध, अंडे, न्यूट्री, पनीर, मटन के साथ पैडीग्री भी खिलाई जाती है। इन दोनों डॉग की बदौलत जेल प्रशासन अब तक 55 मामले नारकोटिक्स, मोबाइल व अन्य प्रतिबंधित सामग्री की बरामदगी कर चुका है। इनकी सेहत का पूरा ध्यान रखा जाता है।

एसपी खन्ना ने बताया कि इनकों इस तरह तैयार किया गया है कि जेल में प्रवेश करने पर कैदियों को लाइन में खड़ा करके इन्हें पास से गुजारा जाता है, जो कैदी या हवालाती किसी भी तरह का नशा करके आए हों, उनके पास नशे की गंध आने से इन्हें पकड़ लेते हैं और उसके आगे बैठकर घेर लेते हैं। फिर उस कैदी से पूछताछ की जाती है।

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