नौकरी के लिए पंजाब से गए 30 युवक बंद हुए अमेरिका की जेलों में

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विदेश जाकर पैसा कमाने की चाहत पंजाब के युवाओं को अक्सर मुसीबत में डाल देती है, जिससे उनके परिजन भी परेशान होते हैं। ताजा मामला पंजाब से अमेरिका गए 30 युवाओं का है। जो गैरकानूनी तरीके से मेक्सिको जाने की कोशिश के दौरान पकड़े गए और वहीं की जेलों में बंद है तो कुछ पहले ही रिफ्यूजी कैंपों में हैं। मेक्सिको में पकड़े गए भारतियों को वापस लाने के लिए परिजन अब हाथ पैर मार रहे है, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल पा रही है। दरअसल गैरकानूनी तरीके से विदेश जाने वालों का कोई डाटा न तो सरकार के पास होता है, न ही वहां की एबेंसी के पास। यही वजह है कि अब परिजनों की परेशानी बढ़ी गई है।

जानकारी के मुताबिक, 30 पंजाबी युवाओं को एरीजोना प्रांत की जेल में रखा गया है। दरअसल, यह युवक भी धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं। इन्हें भी ट्रेवल एजेंट ने गैरकानूनी तरीके से अमेरिका भेजा था। इन युवकों को नौकरी मिलती उससे पहले ही अमेरिका की सीमा पर तैनात सेना के हाथों गिरफ्तार हो गए। बताया जा रहा है कि सुल्तानपुर लोधी तहसील के मंड क्षेत्र के गांव कबीरपुर, मजीदपुर, मोहब्बलीपुर, महिजीतपुर, मेवा सिंह वाला के युवक भी एरिजोना की जेल में फंसे हुए हैं।

जेल में फंसे एक युवक ने भाई का नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कुछ युवकों के साथ उसके भाई को ग्रीस का वीजा लगवाकर भेजा था। वहां से शैनन वीजे पर घरेलू उड़ान द्वारा स्पेन ले जाया गया और फिर वहां से मेक्सिको भेजा गया। मेक्सिको में उसके भाई समेत करीब 70 पंजाबी युवकों को कई दिन तक एक घर में बंद रखा। वहां से 36 घंटे का बस सफर करवाकर उन्हें मेक्सिको की सीमा पार करवा दी गई, लेकिन वह अमेरिकी बार्डर पर सेना के हाथ लग गए, जिसके बाद से उन्हें एरीजोना की जेल में रखा गया है। फोन पर माता-पिता से बातचीत में उसने बताया कि वहां सुल्तानपुर लोधी क्षेत्र के करीब 30 युवक जेल में बंद हैं।

दोआबा क्षेत्र के कई युवक अमेरिका के रिफ्यूजी कैंपों में शरण लिए हुए हैं। गांव सराए जट्टा के सरपंच चरनजीत सिंह ने बताया कि मार्केट कमेटी सुल्तानपुर लोधी के पूर्व चेयरमैन का भतीजा भी अमेरिका में रिफ्यूजी कैंप में फंसा हुआ है। गांव तलवंडी चौधरियों सवा साल में 70 युवक अमेरिका के लिए उड़ान भर चुके हैं। गांव के दो लोग युवकों को अमेरिका भेजने में जुटे हुए हैं। गांव के तीन युवक इस समय अमेरिका के म्यामी जेल में बंद हैं। दोआबा क्षेत्र में मानव तस्करी के इस धंधे में 100 से अधिक छोटे-बड़े एजेंट इस धंधे में लगे हुए हैं। ये एजेंट हर साल करीब 200 करोड़ की कमाई कर रहे हैं। एक युवक से 25 से 30 लाख रुपए में सौदा होता है। क्षेत्र के करीब 500 युवकों को ये एजेंट अभी तक भेज चुके हैं।

बताया जा रहा है कि कुछ समय से दिल्ली स्थित ग्रीस की एंबेसी में गड़बड़ी सामने आई थी जिस कारण अब ग्रीस का वीजा मिलना मुश्किल हो गया है। एजेंटों ने अब पंजाबी युवकों को मेक्सिको पहुंचाने के लिए दुबई और जापान का रास्ता अपनाया है। मैक्सिको से जो अमेरिका का बार्डर पार कर जाते हैं वे पहुंच जाते हैं लेकिन जो पकड़े जाते हैं वे जेल या रिफ्यूजी कैंपों में भेज दिए जाते हैं।

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