मनोज तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएगी दिल्ली सरकार

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सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन कार्यक्रम में ‘आप’ और बीजेपी नेताओं के बीच हुई नोकझोंक को लेकर दिल्ली सरकार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी के खिलाफ केस दर्ज कराएगी। दिल्ली सरकार के गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने प्रधान गृह सचिव को पत्र लिखकर मनोज तिवारी और उनके समर्थकों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी (साजिश रचने) समेत अन्य धाराओं में स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया है।

जैन की ओर से प्रधान गृह सचिव को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि बीती 4 नवंबर को शाम 4 बजे दिल्ली के मुख्यमंत्री, पूरी कैबिनेट, विधायक और सांसद की सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन कार्यक्रम में आने की सूचना पहले ही पुलिस को दे दी गई थी। इसमें गृह विभाग नोडल एजेंसी के रूप में काम कर रहा था। इसके बावजूद बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने समर्थकों के साथ कार्यक्रम में पहुंचकर हंगामा किया। सांसद अवैध तरीके से कार्यक्रम में पहुंचे और साजिश के तहत माहौल खराब करने की कोशिश की। वीडियो में वह हंगामा करते हुए साफ नजर आ रहे हैं।

पुलिसकर्मियों से हाथापाई : जैन ने कहा कि यह बेहद चिंता का विषय है कि मुख्यमंत्री के सामने कुछ लोग गुंडागर्दी कर रहे थे। रोकने पर इन लोगों ने सरकारी अधिकारियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया। यही नहीं, मनोज तिवारी ने सुरक्षा में लगे पुलिस अधिकारियों के साथ हाथापाई की। उन्हें देख लेने और नौकरी से हटवाने तक की धमकी दी।

जैन ने गृह सचिव को आदेश दिया कि घटना की वीडियो फुटेज के साथ मनोज तिवारी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाए। साथ ही जिला पुलिस आयुक्त और पुलिस आयुक्त को भी सभी तथ्यों के साथ शिकायत दी जाए।

‘आप’ के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी पुलिस आयुक्त को चिट्ठी लिखकर मनोज तिवारी के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने पुलिस आयुक्त से सवाल पूछा कि ऐसा क्या कारण है कि पुलिस अभी तक इस मामले पर चुप है? सिंह ने चिट्ठी में कहा कि यह एक गंभीर मसला है कि मुख्यमंत्री के आयोजन में मंच पर बोतलें फेंकी गईं। घटना के 48 घंटे बाद भी मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। वह भी तब जब मनोज तिवारी खुलेआम पुलिस अधिकारियों को देख लेने की धमकी दे रहे हैं।

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