सुप्रीम कोर्ट ने तलवार दंपति की रिहाई के खिलाफ CBI की याचिका को मंजूरी दी

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सुप्रीम कोर्ट ने तलवार दंपति के खिलाफ सीबीआई की याचिका को मंजूर कर दिया। राजेश और उनकी पत्नी नूपुर तलवार पर अपनी बेटी आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या का आरोप था. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव में उन्हें रिहा कर दिया था। इलाहाबाद कोर्टे के फैसले को चुनौती देने वाली केंद्रीय जांच एजेंसी की अपील को कोर्ट ने मंजूर कर लिया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तलवार दंपति की मुश्किलें बढ़ सकती है। इन दोनों को गाजियाबाद की डासना जेल में लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा था। इस मर्डर केस की सुनवाई हेमराज को लेकर दाखिल की गई याचिका को जोड़कर एक साथ होगी। आपको बता दें कि 26 नवंबर, 2013 को सीबीआई कोर्ट ने तलवार दंपति को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जिसे इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।

पिछले साल 12 अक्टूबर को हार्इकोर्ट ने सीबीआई की जांच में कर्इ तरह की खामियां पाई थी। इस केस की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सबूतों के अभाव में इन्हें रिहा कर दिया था और साथ ही सीबीआई को उसके रवैये के लिए फटकार भी लगाई थी। गौरतलब है कि डॉ. तलवार दंपति की बेटी आरुषि की हत्या नोएडा के जलवायु विहार के एल-32 फ्लैट में 15-16 मई 2008 की रात को हुई थी।

इस हत्या में पुलिस को शुरुआत में नौकर हेमराज पर शक था लेकिन हेमराज की लाश दो दिन बाद उसी फ्लैट की छत पर बरामद हुई। उसके बाद इस केस में कई मोड़ आ गए। तलवार दंपति इस फैसले से पहले गाजियाबाद के डासना जेल में सजा काट रहे थे।

इसके बाद 29 मई 2008 पूर्व सीएम मायावती ने सीबीआई जांच की सिफारिश की। 1 जून 2008 को सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली। इसके बाद सीबीआई ने इस पर क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। लेकिन सीबीआई की लोअर कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट खारिज की और आरुषि के मां-बाप, राजेश और नुपुर तलवार को हत्या और सुबूत मिटाने का दोषी माना।

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