मिसाल: अपना घर बेचकर राजेश देवी ने बनवाई गांव की सड़क

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भले ही प्रदेश में विकास कार्यों के तमाम दावे किये जा रहे हो लेकिन आज भी कई जगह लोगों को उपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला ग्रेटर नोएडा में देखने को मिला। यहां जिला प्रशासन की उदासीनता से परेशान होकर एक महिला ने खुद ही कंकरीट की सड़क बनवा दी। महिला ने गांव की सड़क बनवाने के लिए अपने घर का एक हिस्सा भी बेच दिया।

55 साल की राजेश देवी ने करीब 250 मीटर लंबे रास्ते पर कंक्रीट की सड़क बनवाई दी। इसके लिए राजेश देवी को अपने मकान का एक हिस्सा बेचना पड़ा। महिला ने बताया कि जिला प्रशासन और नेताओं की उदासीनता के चलते यह निर्णय लिया। बता दें कि राजेश देवी दादरी क्षेत्र के गांव दादोपुर खटाना गांव की रहने वाली है।

राजेश देवी के पति ओमवीर और बेटा सुधीर मजदूरी करते हैं। बेटे सुधीर की भी शादी हो चुकी है और उसके तीन बेटे हैं। ये सभी गांव में बने अपने एक मंजिला मकान में रहते हैं। राजेश देवी की मानें तो एक दिन गड्ढों से भरे रास्ते पर चलते समय वह गिर कर चोटिल हो गई। रास्ते को बनवाने की कई बार मांग की गई लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिसके बाद राजेश देवी ने खुद ही सड़क को बनाने का बीड़ा उठाया।

महिला राजेश देवी का कहना है कि स्थानीय अथॉरिटी ने भी उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया। आरोप लगाते हुए कहा कि वहां अधिकारियों का रवैया अमीर और गरीब के प्रति अलग-अलग है। बताया किे गांव के लोगों ने और उन्होंने ब्लॉक मीटिंग्स में भी गांव में रास्तों के खराब होने का मसला उठाया, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।

आरोप लगाते हुए कहा कि गांव के जो अमीर लोगों के घरों की ओर रास्ते जाते हैं उन्हें जरूर ठीक करा दिया गया। राजेश देवी कहती हैं कि उन्होंने अपने घर का एक हिस्सा अपने भतीजे को बेच दिया है। करीब एक लाख रूपये जुटाकर टूटे रास्ते को खुद बनवाने का फैसला किया है। ऐसा मैं इसलिए कर रही हूं कि मुझे जो कष्ट हुआ वह किसी दूसरे को न हो।

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