नोएडा का इंजीनियर निकला 200 करोड़ का मालिक

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आयकर विभाग ने नोएडा प्राधिकरण के एक और इंजीनियर की आय से अधिक और बेनामी संपत्तियों का खुलासा किया है। इंजीनियर को करीब 200 करोड़ रुपये की संपत्तियों का मालिक बताया जा रहा है। गुरुवार को आयकर विभाग की टीमों ने दिल्ली-एनसीआर में इंजीनियर के ठिकानों पर छापेमारी की।

गुरुवार सुबह आयकर विभाग की टीमों ने प्राधिकरण में तैनात प्रोजेक्ट इंजीनियर ब्रजपाल चौधरी के अलग-अलग शहरों में दस ठिकानों पर एकसाथ छापे मारे। सुबह करीब सात बजे कार्रवाई शुरू की गई। सात सदस्यों की एक टीम ने नोएडा के सेक्टर-27 में ब्रजपाल चौधरी के घर छापा मारा। घर के मुख्य दरवाजे को बंद कर दिया गया। पुलिस घर के बाहर तैनात रही। किसी को भी घर से बाहर जाने या दाखिल होने की अनुमति नहीं दी गई। आयकर अफसरों ने बताया कि बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज ब्रजपाल चौधरी से मिले हैं। पूरे दिल्ली-एनसीआर में ब्रजपाल की कंपनी, स्कूल व कोठियां हैं। इंजीनियर ने करोड़ों संपत्ति पत्नी-बच्चों और रिश्तेदारों के नाम कर रखी है।

छापा मारने वाली टीम में शामिल आयकर विभाग के अफसरों ने बताया कि उम्मीद से ज्यादा संपत्तियों के दस्तावेज ब्रजपाल के पास से मिले हैं। यादव सिंह की तरह ब्रजपाल चौधरी के पास भी अकूत संपत्ति मिली है। दिल्ली-एनसीआर में 25 से 30 संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। आयकर अधिकारियों ने बताया कि ब्रजपाल पर कर चोरी के साथ-साथ कैपिटल गेन का मामला बन रहा है। विभाग को मिले दस्तेवाजों के अनुसार ब्रजपाल ने कम कीमत पर जमीन और मकान सहित संपत्तियां खरीदी हैं, जबकि उन संपत्तियों को बाद में ऊंची कीमतों में बेच दिया गया।

प्राधिकरण इंजीनियर ब्रजपाल चौधरी और उसके संगे-संबंधियों पर उम्मीद से अधिक संपत्तियां मिल रही हैं। अभी अन्वेषण की कार्रवाई चल रही है। आयकर टीम सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। नोएडा प्राधिकरण के इंजीनियर ब्रजपाल चौधरी के ठिकानों पर छापे मारने पहुंची आयकर विभाग की टीमों के हाथ एक के बाद एक ऐसे दस्तावेज लगे कि वे भी हैरान रह गए। आयकर अफसरों का कहना है कि ब्रजपाल चौधरी और उसके परिवार के सदस्यों के बैंक लॉकर से कई राज और खुलेंगे।

आयकर विभाग के कानपुर रेंज के प्रमुख निदेशक (अन्वेषण) अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में गुरुवार को छापे की कार्रवाई हुई। उन्होंने बताया कि ब्रजपाल चौधरी के कई बैंकों में खाते और लॉकर भी हैं। अभी लॉकरों की जांच होनी बाकी है। पांच से ज्यादा बैंकों में लॉकर मिले हैं। आयकर विभाग जल्दी लॉकर खुलवाएगा। लॉकरों से सपंत्तियों के दस्तावेज और ज्वैलरी मिलने की संभावना है।

आयकर विभाग के अफसरों ने बताया कि फरीदाबाद के सेक्टर-91 में आलीशान मकान है। नोएडा सेक्टर-52 में 450 वर्ग मीटर जमीन पर मकान है। सेक्टर-33 में तीन मंजिला मकान, सेक्टर-63 के सी ब्लॉक में 1,000 वर्ग मीटर में कंपनी, सेक्टर-63 में ही मोती महल भवन, मामूरा में 6,000 वर्ग मीटर भूमि, भंगेल सेक्टर-110 में रामा बैंक्वेट होल, पिलखुवा में दिल्ली वन पब्लिक स्कूल, मोदीनगर में कृषि फार्म का खुलासा हुआ है।

निदेशक ने बताया कि इसके अलावा शहर के कई नामी बिल्डरों की हाउसिंग सोसाइटी में अब तक 8 फ्लैट मिल चुके हैं। अभी अन्य दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है। आयकर अधिकारियों ने बताया कि ब्रजपाल चौधरी की अधिकांश संपत्ति में उनकी पत्नी सुदेश चौधरी का नाम है। इसके अलावा बेटे अंकुर चौधरी, अमित चौधरी और बेटी पूजा चौधरी के नाम हैं। बेटे अंकुर के नाम सेक्टर-63 में औद्योगिक इकाई और पिलखुवा का स्कूल है।

आयकर अधिकारियों के मुताबिक प्राधिकरण इंजीनियर की दो पत्नियां हैं। ब्रजपाल चौधरी पहली पत्नी सुदेश के साथ सेक्टर-27 में रहते हैं। पहली पत्नी सुदेश से ब्रजपाल के दो बेटे और बेटी हैं, जबकि दूसरी पत्नी विनिता फरीदाबाद के सेक्टर-91 में रहती है। विनिता से भी दो बच्चे हैं। विनिता के नाम पर फरीदाबाद में संपत्ति खरीदी गई है। आयकर विभाग को विनीता से जुड़े दस्तावेज और फोटोग्राफ मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि ब्रजपाल को पूरा परिवार विनीता को जानता है। विनिता ने आयकर टीम के सामने ब्रजपाल की दूसरी पत्नी होने की बात स्वीकार की है।

ब्रजपाल चौधरी नोएडा इंप्लाइज एसोसिएशन (एनईए) का तीन बार अध्यक्ष रहा चुका है। प्राधिकरण के कर्मचारी व अधिकारियों के बीच काफी अच्छा गठजोड़ है। इस वजह से ब्रजपाल के काम प्राधिकरण में आसानी हो जाते हैं।

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