डीएम ने गाजियाबाद में 350 अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर रोक लगाई

0

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा घोषित 350 अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई है। सोमवार को इस बाबत जिलाधिकारी ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय के सभी सब रजिस्ट्रार को आदेश जारी किए। प्रशासन की तरफ से अवैध कॉलोनियों की सूची सब रजिस्ट्रार कार्यालय को सौंपी जाएगी। प्रशासन ने चेतावनी दी कि रजिस्ट्री कराए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय शहर में अंधाधुंध बस रहीं अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगाने के लिए लिया गया है।

इस साल 20 जुलाई को इंद्रगढ़ी के आकाश नगर में पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई थी। इसमें दो लोगों की मौत हुई थी। जिलाधिकारी ने हादसे के बाद अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। डीएम के पास उस समय जीडीए वीसी का भी चार्ज था, लेकिन नियमों का हवाला देते हुए स्टांप विभाग के एआईजी मेवाललाल पटेल ने आदेश मानने से इंकार कर दिया था।

एआईजी स्टांप ने दो तर्क दिए। पहला अवैध कॉलोनियों की पहचान करना संभव नहीं है। इसके अलावा यूपी स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन एक्ट में किसी भी प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन रोकने का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि एआईजी स्टांप ने आईजी स्टांप को लिखकर डीएम के आदेश से अवगत कराया था, लेकिन इस बार जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी ने अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर सख्ती से रोक लगा दी।

डीएम का कहना है कि जीडीए द्वारा घोषित सभी अवैध कॉलोनियों की पहचान आसानी से हो जाएगी। सब रजिस्ट्रार कार्यालय को अवैध कॉलोनियों की सूची उपलब्ध करा दी जाएगी, ताकि उनकी पहचान करने में दिक्कत न आए। इस फैसले से अवैध कॉलोनियों स्थापित नहीं हो पाएगी।

खेत की जमीन पर बना डाले मकान-दुकान : जीडीए ने कुछ दिन पहले एक सर्वे किया। इसमें करीब 350 कॉलोनियों को अवैध माना गया था। उनमें चल रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई। इसके बावजूद निर्माण कार्य चल रहा था। आसानी से मकान, दुकान और फ्लैट की रजिस्ट्री कराई जा रही है। वर्षों से कॉलोनाइजर खेत की जमीन लेकर उसमें प्लॉट काट कर बेच देते हैं। इन पर मकान और फ्लैट बना लिए जाते हैं। इन्हें ही अवैध कॉलोनियों का दर्जा दिया है। शहर के अलावा, डासना, लोनी, मुरादनगर और मोदीनगर आदि क्षेत्र में अवैध कॉलोनियां बसी हैं। डीएम की कार्रवाई का असर प्रॉपर्टी बाजार पर पड़ेगा। जिन लोगों ने कॉलोनियों में संपत्ति खरीद ली उन्हें परेशानी होगी।

मुकदमा दर्ज कराने के आदेश : डीएम ने उप निबंधकों से विभिन्न बिल्डरों द्वारा पंजीकृत कराई जा रही संपत्ति की सूचना मांगी। डीएम ने निर्देश दिए कि उनकी अध्यक्षता में बिल्डरों के साथ दो बैठक हो चुकी है। इसके बाद भी जो बिल्डर अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री करा रहे हैं उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए।

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान उप निबंधक तृतीय के कार्यालय में उपस्थित महिला सीता देवी, निवासी बिहार से पूछताछ की। इसमें पता चला कि वह जिला फरीदाबाद के प्लाट की रजिस्ट्री के लिए आई हैं। पता चला कि प्रकरण पॉवर ऑफ अटार्नी का है। हरियाणा की संपत्ति की पॉवर ऑफ अटार्नी जनपद में पंजीकृत किए जाने के संबंध में पूछताछ करने पर उप निबंधक तृतीय ने बताया कि कि पॉवर ऑफ अटार्नी देश में कहीं भी पंजीकृत कराई जा सकती है। उप निबन्धकों को निर्देश दिए कि पॉवर ऑफ अटार्नी के सम्बन्ध में पूरी जांच के बाद ही कार्यवाही की जाए।

Share.

About Author

Leave A Reply