कुख्यात माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मार कर हत्या, पत्नी पहले ही जाहिर कर चुकी थी हत्या की आशंका

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कुख्यात माफिया डॉन प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। उसे झांसी से बागपत लाया गया था। सोमवार को बागपत कोर्ट में उसकी पेशी थी। उसकी पत्नी पहले ही उसकी हत्या की आशंका जाहिर कर चुकी थी।

बता दें कि मुन्ना बहुजन समाज पार्टी के पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने का आरोपी था। इसी मामले में उसकी बागपत कोर्ट में पेशी होनी थी। जिस वक्त वह झांसी जेल में था तब भी उस पर हमला हो चुका था। इसी के चलते उसकी पत्नी सीमा उसकी हत्या की आशंका जता चुकी थी। सीमा ने बजरंगी की हत्यी की आशंका जताते हुए कहा था कि उनके पति की जान को खतरा है। यहीं नहीं उन्होंने अपने पूरे परिवार पर भी जान का खतरा बताया था। सीमा ने कहा था कि यूपी एसटीएफ और पुलिस मेरे पति का एनकाउंटर करने की फिराक में हैं। उन्होंने कुछ नेताओं और अधिकारियों पर मुन्ना को जान से मारने की आशंका जताई थी।

सीमा ने कहा था कि जेल में ही उसके पति के खाने में जहर देने की कोशिश की गई। अपनी बात पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में भी इसकी रिकॉर्डिंग है, जिसमें एक एसटीएफ अधिकारी जेल में ही मुन्ना बजरंगी को मारने की बात कह रहे हैं। इसकी शिकायत कई अधिकारियों और न्यायालय से की, लेकिन कहीं से भी सुरक्षा नहीं मिली।

सीमा ने कहा कि उनके भाई की हत्या 2016 में की गई, लेकिन पुलिस ने इस मामले में सिर्फ टालमटोल कर केस बंद कर दिया। इसके बाद उनके परिवार के करीबी तारिक मोहम्मद की भी हत्या कर दी गई। इस पर भी पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। मुन्ना बजरंगी ने अपराध की दुनिया में 1982 में कदम रखा। 1995 में यूपी एसटीएफ मुठभेड़ में मुन्ना गोली खा गया था लेकिन वह बच गया। इसके बाद वह मुख्तार अंसारी से मिला। इस गठजोड़ के चलते मुन्ना ने 2005 में मुहम्मदाबाद के बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या कर दी।

मुन्ना बजरंगी जौनपुर, सुल्तानपुर, तिहाड़, मिर्जापुर, झांसी और पीलीभीत जेल में बंद रह चुका है। 26 जून 2017 को उसे झांसी जेल शिफ्ट किया गया था। मुन्ना झांसी में तकरीबन एक साल से बंद था।

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