अमर सिंह ने अखिलेश पर गाने के सहारे कसा तंज, कहा- तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे

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कभी समाजवादी पार्टी के पूर्व मुखिया के सबसे करीबी माने जाने अमर सिंह और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच लगातार बयानों की हमलेबाजी चल रही है। हाल ही में लखनऊ में पीएम मोदी के एक कार्यक्रम में अमर सिंह की उपस्थिति पर अखिलेश यादव ने तंज कसा था। अखिलेश ने कहा था कि अमर अंकल समाजवादी पार्टी में वापस आ सकते हैं लेकिन वह आजकल प्रधानमंत्री के साथ हैं और उनका साथ कैसे छोड़ेंगे। अखिलेश के इस बयान पर अमर सिंह ने एक वीडियो जारी कर जबरदस्त हमला बोला है।

अमर सिहं ने अपने ट्विटर अकाउंट पर मुझे जीने दो कैप्शन के साथ एक वीडियो शेयर करते हुए अखिलेश को लेकर कई बातें कहीं। अमर सिंह ने कहा कि, एक राष्ट्रीय चैनल पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि, अमर सिंह अंकल समाजवादी पार्टी में वापस आ सकते हैं लेकिन वह आजकल प्रधानमंत्री के साथ हैं और उनका साथ कैसे छोड़ेंगे। प्रधानमंत्री को विदेश से कालाधन लाना चाहिए था लेकिन साढ़े 4 साल के बाद वह कालाधन तो नहीं वापस ला पाए लेकिन अमर सिंह अंकल की उपयोगिता को जरूर समझ पाए।

अमर सिंह ने वीडियो में आगे कहा कि, अखिलेश जी आपको बाल्यावस्था से जानता हूं। आप बालक से युवा हुए और आपकी पढ़ाई से लेकर विवाह तक आपका कन्‍नौज से टिकट और आपको पहली बार औपचारिक रूप से समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष बनाने तक में अपनी जड़ों में और अपने व्यक्तित्व में अगर कोई शक्‍ल दिखाई देगी तो वह केवल अंकल की ही शक्ल दिखाई देगी। इसके बाद उन्होंने एक गाने के जरिए अखिलेश पर हमला बोला।

अमर सिंह ने कहा कि, तुम मुझे यूं नहीं भुला पाओगे। जब भी तुम कभी सुनोगे गीत मेरे साथ-साथ तुम भी गुनगुनाओगे। अखिलेश यह आपके जीवन का गीत है। बचपन से लेकर जवानी तक साथ-साथ रहने के बाद भी मुझे तलाश नहीं कर पाए। आप मुझे मिल नहीं पाए और मैं आपसे मिल नहीं पाया। आदरणीय नरेंद्र मोदी जिनकी मैंने ना राजनीति की और ना ही कोई उपकार किया। न जिनके दर्शन में रहा और ना जिनके चिंतन में रहा उन्‍होंने मुझे साढ़े चार साल में ढूढ़ तो लिया।’ अमर सिंह ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने अगर उन्‍हें ढूढ़ लिया तो उन्‍हें पेट में दर्द क्‍यों हो रहा है। मन में पीड़ा क्‍यों हो रही है। यह तंज क्‍यों है। यह वेदना क्‍यों है। मेरी प्रार्थना है कि आप जहां रहे स्‍वस्‍थ रहें और आपको मेरा भूत न सताए।’ उन्‍होंने कहा कि बबूल का पेड़ बोने पर आम का फल कहां से मिल पाएगा।

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