पत्थरबाजों की आड़ लेकर भाग निकले आतंकी।

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श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में कल आतंकरोधी अभियान में बाधा पहुंचा रही हिसक भीड़ पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबलों को हवा में गोलियां चलानी पड़ीं। इस दौरान हुई हिसक झड़पों में पांच लोग घायल हो गए। वहीं गांव में छिपे तीन आतंकी भी पत्थरबाजों की आड़ लेकर भाग निकले। सुबह करीब छह बजे सेना व राज्य पुलिस के विशेष अभियान दल ने कुलगाम क्षेत्र के ओके गांव में तीन आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर घेराबंदी की। सुरक्षाबलों ने स्थानीय मस्जिद से एलान कराते हुए गांव के सभी पुरुषों को एक मैदान में शिनाख्त के लिए जमा होने के कहा। इससे पहले कि शिनाख्त परेड शुरू होती, किसी ने सुरक्षाबलों पर स्थानीय युवकों के साथ मारपीट करने की अफवाह फैला दी। इससे गांव में महिलाएं उत्तेजित होकर घरों से बाहर निकल आईं। उन्होंने देश विरोधी नारे लगाते हुए शिनाख्त परेड व तलाशी अभियान बंद करने को कहा। इसी दौरान स्थानीय युवक भी भड़क उठे और उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। सुरक्षाबलों ने पहले तो संयम बरता, लेकिन जब स्थिति बिगड़ने लगी तो उन्होंने भी बल प्रयोग किया। इस बीच, कुछ युवकों ने सुरक्षाबलों के साथ मारपीट करते हुए उनके हथियार छीनने का प्रयास किया। खुद को बचाने के प्रयास में जवानों ने तथाकथित तौर पर हवा में गोलियां दागकर भीड़ को खदेड़ने का प्रयास किया। इसके बाद पूरे इलाके में हिसक झड़पें शुरू हो गई। सेना और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने हालात की समीक्षा करते हुए तलाशी अभियान समाप्त कर दिया। इस बीच, गांव में छिपे तीन आतंकी भी पथराव की आड़े लेते हुए बच निकले। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के कार्यक्रम में कल महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। महबूबा की मौजूदगी में ही महिलाओं ने देश विरोधी नारेबाजी करते हुए कुर्सियां व पानी की बोतलें फेंकीं। इसी दौरान किसी ने भूकंप की अफवाह फैला दी। स्थिति और बिगड़ गई। पूरे परिसर में भगदड़ मच गई, जिसमें करीब एक दर्जन महिलाएं बेहोश हो गईं। स्थिति को भांपते हुए मुख्यमंत्री वहां से चली गईं, लेकिन प्रमुख विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस ने इस घटना पर महबूबा की जमकर खिंचाई की। शेरे कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआइसीसी) में कश्मीर संभाग के विभिन्न हिस्सों में गठित महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की प्रतिनिधियों का ग्रामीण विकास विभाग ने एक सम्मेलन आयोजित किया था। इसमें मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती मुख्य अतिथि थीं। सम्मेलन में भाग लेने के लिए वादी के विभिन्न हिस्सों से आई महिलाएं जैसे ही एसकेआइसीसी के मुख्य प्रवेशद्वार पर पहुंची, हंगामा शुरू हो गया। घटना पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 1200 महिलाएं आई थीं। उनकी सफलता की कहानियां सुनना प्रेरणादायक है, लेकिन आयोजकों ने प्रतिभागियों की संख्या के मुताबिक प्रबंध नहीं कर रखे थे। पानी पीने गई एक महिला अचानक बेहोश हो गई और उसके बाद भगदड़ मच गई।

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