’द बर्निंग बस के हीरो’ स्वर्गीय अंकित को मिला राष्ट्रपति पुरस्कार

0

मेडल व एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया।
सुल्तानपुर।
जो निडर होते हैं, वही जंग जीत पाते हैं। और सच तो यही है कि निडरता तभी आती है, जब इनसान ईमानदार और कर्मठ हो। लोभी लोग कभी भी जीवन में सफल नहीं हो पाते। अगर किसी तरह सफल हो भी जाते हैं, तो अंतत: उनकी स्थिति अच्छी नहीं होती। हम आपको बताने जा रहे हैं, एक ऐसे बच्चे के बारे में, जिन्होंने अपनी जान न्यौछावर करके किसी की जान बचाई। 21 अप्रैल 2015 को अमेठी जिले के रामगंज संसारीपुर के पास बस में लगी भीषण आग की घटना को याद कर आज भी लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गयी थी। उसी बस में सवार जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के पुर्षोत्तमपुर निवासी एक नौजवान अपनी जान पर खेलकर कई जिन्दिगियों को बचाया था।

यह कहानी नहीं, हकीकत है स्वर्गीय अंकित मिश्र की, जिसने दूसरों की जान बचाने की खातिर अपने प्राणों की आहुति दे दी। हालांकि इस हादसे में कुछ ही लोग बच गये थे, लेकिन उसकी बहादुरी के किस्से आज भी जीवित हैं।

घटना के बाद से ही अंकित की जांबाजी की चर्चा आम जनमानस में थी। स्थानीय प्रशासन ने अंकित के इस कार्य के लिए राष्ट्रपति को लिखा था।
मरणोपरांत जीवन रक्षा पदक से नवाजा गया

बुधवार को जिलाधिकारी सुल्तानपुर एस. राजलिंगम ने स्व. अंकित मिश्र के पिता विजयशंकर मिश्र को भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त ‘2015 का सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक’ का प्रमाण-पत्र, मेडल व एक लाख रुपये का चेक अन्य परिजनों की उपस्थिति में प्रदान किया। इस सम्मान को पाकर पिता की आंखें छलक पड़ीं। इस मौके पर जिले के अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

Share.

About Author

Comments are closed.