तीसरे दिन भी जारी रहा विपक्ष का बहिष्कार

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लखनऊ विपक्षी सदस्यों का उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार आज तीसरे भी जारी रहा। विपक्ष का आरोप है कि नेता सदन ने गतिरोध दूर करने के लिए कोई पहल नहीं की। सत्ता पक्ष पर धमकाने तथा असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए विपक्षी सदस्यों ने सदन की कार्यवाही का ​बहिष्कार कर रखा है। कार्यवाही में शामिल होने की बजाय सपा, बसपा और कांग्रेस सदस्य केन्द्रीय कक्ष में बैठे और समानान्तर सदन चलाया। कांग्रेस विधायक दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने पीटीआई भाषा से कहा कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाये गये मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं है। नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गतिरोध दूर करने की कोई पहल नहीं की। लल्लू ने कहा, ‘विरोध स्वरूप हम केन्द्रीय कक्ष में बैठे। मुझे नेता सदन बनाया गया जबकि राम गोविन्द चौधरी नेता प्रतिपक्ष बने और लालजी वर्मा को अध्यक्ष बनाया गया।’ विपक्षी नेताओं ने भाजपा विधायक मथुरा प्रसाद पाल के निधन पर शोक वयक्त किया और कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शोक प्रस्ताव के समय योगी सदन में मौजूद नहीं थे। लल्लू ने कहा, ‘परंपरा रही है कि नेता सदन प्रस्ताव पढते हैं लेकिन मुख्यमंत्री मौजूद नहीं थे और इसे संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पढ़ा।’ उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था, किसान और बेरोजगारी जैसे विपक्ष द्वारा उठाये गये मुददों पर चर्चा की बजाय सरकार हमें धमका रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लल्लू ने कहा कि पूर्व की सपा सरकार के समय जब भाजपा के सदस्य उपेन्द्र तिवारी धरने पर बैठे थे तो तत्कालीन संसदीय कार्य मंत्री आजम खां, वरिष्ठ मंत्री शिवपाल यादव और अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय तिवारी से मिले और धरना समाप्त कराया था। उन्होंने कहा, ‘मौजूदा सरकार विपक्ष के साथ मिलकर सदन नहीं चलाना चाहती है।’

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