NHRC के रजत जयंती पर पीएम मोदी बोले- मानवाधिकार सिर्फ नारा नहीं होना चाहिए, ये संस्कार होना चाहिए

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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के रजत जयंती समारोह में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा है कि मानवाधिकार सिर्फ नारा नहीं होना चाहिए ये संस्कार होना चाहिए। लोक नीति का आधार होना चाहिए। पीएम ने कहा कि पिछले 4 वर्षों की ये बहुत बड़ी उपलब्धि रही है कि इस दौरान गरीब, वंचित, शोषित, समाज के दबे-कुचले व्यक्ति की गरिमा को, उसके जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए गंभीर प्रयास हुए हैं। बीते 4 वर्षों में जो भी कदम उठाए गए हैं, जो योजनाएं बनी हैं, उनका लक्ष्य यही है और हासिल भी यही है।

पीएम ने कहा कि गरीब को खुले आसमान के नीचे, मौसम के थपेड़े सहने पड़े, ये भी तो उसके अधिकार का हनन ही है। इस स्थिति से उसको बाहर निकालने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर बेघर-गरीब को आवास देने का अभियान चल रहा है। अब तक सवा करोड़ से अधिक भाई-बहनों को घर का अधिकार मिल भी चुका है। शौचालय न होने की मजबूरी में, जो अपमान वो गरीब भीतर ही भीतर महसूस करता था, वो किसी को बताता नहीं था। विशेषतौर पर मेरी करोड़ों बहन-बेटियां, उनके लिए ये Dignity से जीने के अधिकार का हनन तो था ही बल्कि जीने के अधिकार को लेकर भी गंभीर प्रश्न था।

पीएम मोदी ने कहा कि न्याय पाने के अधिकार को और मजबूत करने के लिए सरकार e-Courts की संख्या बढ़ा रही है, नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड को सशक्त कर रही है। केस से संबंधित जानकारियां, फैसलों से जुड़ी जानकारियां ऑनलाइन होने से न्याय प्रक्रिया में और तेजी आई है और लंबित मामलों की संख्या में कमी हुई है।

सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरकार में सबको कमाई, पढ़ाई, दवाई और सबकी सुनवाई के लक्ष्य के साथ ऐसे अनेक काम हुए हैं, जिससे करोड़ों भारतीय भीषण गरीबी से बाहर निकल रहे हैं। देश बहुत तेज़ गति से मध्यम वर्ग की बहुत बड़ी व्यवस्था की तरफ बढ़ रहा है। बता दें कि इस कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ साथ गृह मंत्री राजनाथ सिंह और मनोज सिन्हा भी शामिल हुए थे।

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