स्‍वदेशी तोप धनुष ने पास किया अपना फाइनल टेस्‍ट होगी सेना में शामिल

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भारत की पहली पूर्ण स्‍वदेशी तोप धनुष ने अपना फाइनल टेस्‍ट पास कर लिया और अब यह सेना में शामिल होने के लिए रेडी है। सेना के एक वरिष्‍ठ अधिकारी की ओर से यह जानकारी दी गई है। दो और छह जून के बीच धनुष ने 50 राउंड फायरिंग की और अपने टेस्‍ट को पास किया है। जबलपुर स्थित गन कैरिज फैक्‍ट्री (जीसीएफ) के सीनियर जनरल मैनेजर एसके सिंह ने यह जानकारी दी। धनुष एक 155 एम x 45mm की क्षमता वाली तोप है और इसे देसी बोफोर्स भी कहते हैं।

एसके सिंह ने बताया कि सात जून को छह तोपों वाले बैटरी फॉरमेशन ने एक साथ 101 राउंड सफलतापूर्वक फायर किए। उन्‍होंने बताया कि अक्‍टूबर 2011 में जीसीएफ को धनुष प्रोजेक्‍ट मिला था और साल 2014 में इसका पहला प्रोटोटाइप तैयार कर लिया गया। इसके बाद 11 और प्रोटोटाइप बनाए गए और इनसे 4200 राउंड फायर किए गए थे। इस तोप को सिक्किम और लेह की कंपकपांती सर्दी, बालासोर, ओडिशा और झांसी में उमस भरी मौसम और राजस्‍थान के पोखरण में झुलसा देने वाली गर्मी के बीच टेस्‍ट किया गया था। इस तोप ने हर तरह के मौसम में किए गए टेस्‍ट को पास किया है। सिंह ने बताया कि सेना को वर्तमान वित्‍त वर्ष में 12 तोपें सौंपी जाएंगी जबकि सेना के लिए 114 तोपें तैयार की जा रही है। जल्‍दी ही एक डील के तहत सेना के लिए 414 इस तरह की तोपों को सप्‍लाई करने पर रजामंदी बन सकेगी।

एक तोप की कीमत करीब 14.50 करोड़ रुपए है तो वहीं इसका एक गोले की कीमत करीब एक लाख रुपए होगी। यह बोफोर्स व ऐसी अन्य तोपों की कीमत की आधी है। धनुष में कई ऐसे फीचर हैं जो वर्तमान में प्रयोग की जा रही बोफोर्स में नहीं हैं। धनुष का एक ट्रायल पोखरण में भी किया गया। यह इस तोप का सबसे बड़ा ट्रायल था। आर्मी 155 एमएम आर्टिलरी गन का इंतजार तीस वर्षों से कर रही है। धनुष के निर्माण में देश की 39 ऑर्डिनेंस फैक्ट्र‍ियों की मेहनत लगी है। धनुष 15 सेकेंड में तीन राउंड, तीन मिनटमें 15 राउंड और 60 मिनट में 60 राउंड्स फायर कर सकती है। इसकी अधिकतम रेंज 38 किमी है।

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