लाभ का पद मामला: EC ने आप MLAs को याचिकाकर्ता से जिरह करने की नहीं दी अनुमति

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चुनाव आयोग ने सोमवार को लाभ के पद के मामले में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने खुद याचिकाकर्ता से बहस करने अनुमति मांगी थी। इस मामले की सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग ने कहा चूंकि याचिकाकर्ता वर्तमान में चल रही प्रक्रिया में गवाह नहीं है, इसलिए उसकी याचिका पर क्रॉस-इग्जामिनेशन की ना तो जरूरत है और ना ही ये उचित समय है।

आयोग ने लाभ के पद पर होने के कारण आप विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग करने वाले याचिकाकर्ता प्रशांत पटेल और अन्य से बहस करने की अनुमति देने की अर्जी को अनुचित बताते हुये खारिज कर दिया। अब याचिका पर चुनाव आयोग ने अंतिम बहस के लिए 23 जुलाई की तारीख तय की है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत, चुनाव आयुक्तों सुनील अरोड़ा तथा अशोक लवासा ने 70 पेज के आदेश में कहा कि, इस मामले में याचिकाकर्ता से जिरह की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि वह इस मामले में जारी कार्यवाही का गवाह नहीं है। साथ ही प्रतिवादी अपनी अर्जी में दी गई दलील के मुताबिक इस मामले में वह गवाह को पेश में भी नाकाम रहे हैं।

गौरतलब है कि हाईकोर्ट से आप के विधायकों की सदस्यता बहाल किए जाने के बाद चुनाव आयोग ने 17 मई से मामले की सुनवाई दोबारा शुरू कर दी थी। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग की सिफारिश और राष्ट्रपति के नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया था।

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