सेना के अफसर बोले- राजनीतिक नेतृत्व का था सर्जिकल स्ट्राइक का फैसला

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हाल ही में सामने आया सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो ने देश की राजनीति को गर्मा दिया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस लगातार बीजेपी को घेर रही है। वहीं, बीजेपी भी पलटवार कर रही है। अब सर्जिकल स्ट्राइक की निगरानी करने वाले अफसर पूर्वी नॉर्दर्न आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुडा ने कहा है कि ये फैसला पूरी तरह से राजनीतिक नेतृत्व का था।

बता दें कि विपक्ष लगातार बीजेपी पर इस मुद्दे पर राजनीति फायदे का आरोप लगा रहा है। बीजेपी और विपक्ष की बयानबाजी के बीच डीएस हुडा ने कहा कि इस फैसले पर सेना पूरी तरह से सहमत थी, क्योंकि हम कुछ करना चाहते थे। अगर हम भविष्य में भी पाकिस्तान को कड़ा जवाब देना चाहते हैं तो हम फिर से सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दे सकते हैं।

जाहिर है कि सर्जिकल स्ट्राइक के 2 साल बाद ये वीडियो सामने आया है। इससे पहले विपक्ष सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते रहे हैं। यहीं नहीं, खुद बीजेपी नेता अरुण शौरी ने भी मोदी सरकार को घेरते हुए कहा था कि सर्जिकल स्ट्राइक पर सेना ने काम किया, लेकिन इसका क्रेडिट सरकार ने ले लिया। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक को ‘फर्जिकल स्ट्राइक’ करार दिया है।

इसके कुछ समय बाद ही सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सामने आया था। कांग्रेस की ओर से इस वीडियो की टाइमिंग पर सवाल उठाए गए थे। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार सर्जिकल स्ट्राइक का राजनीतिकरण कर रही है।

कांग्रेस के इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया था। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस लगातार सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठा रही है। इससे पाकिस्तानी आतंकवादियों को खुशी मिल रही होगी।

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