पीएम मोदी को है जान का खतरा

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बुधवार 6 जून को पुणे पुलिस ने भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से पुलिस ने एक चिट्ठी बरामद की थी। इस चिट्ठी को लेकर पुलिस का कहना है कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तरह हत्या करने की एक योजना का जिक्र है। पुलिस का कहना है कि इस चिट्ठी में प्रधानमंत्री के किसी रोड शो को निशाना बनाने की बात थी। हालांकि इसमें सीधे नरेंद्र मोदी का नाम नहीं है लेकिन ‘राजीव गांधी जैसी हत्या’ होने की बात का जिक्र जरूर किया।

गुरुवार को पुणे की अदालत में सरकारी वकील उज्जवला पवार ने अदालत में चिट्ठी जमा की। पवार को शक है कि यह चिट्ठी प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति के किसी सदस्य की हो सकती है। यहां तक कि पवार ने अदालत को यह चिट्ठी पढ़कर भी सुनाई। चिट्ठी में लिखा गया है कि मोदी ने सफलतापूर्वक 15 राज्यों में सरकार बना ली है और अगर इसी तरह चलता रहा तो माओवादी दलों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा। इसीलिए वे एक और राजीव गांधी हत्याकांड की सोच रहे थे जिसके तहत किसी रोड शो को निशाना बनाने की रणनीति थी।

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने इसे पीएम मोदी का पुराना हथकंडा बताया है। कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने कहा, “मैं यह नहीं कहता कि यह पूरी तरह से गलत है। लेकिन यह पीएम मोदी का पुराना हथकंडा भी हो सकता है। जब वो मुख्यमंत्री थे और जब उनकी लोकप्रियता कम होने लगी थी तो इस तरह की कहानियां प्रचारित कई गई थीं.” निरुपम ने कहा कि इसमें कितनी सच्चाई है इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं सीपीआई (एम) पार्टी के जनरल सेक्रेटरी सीताराम येचुरी ने भी इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। येचुरी ने कहा, “देश के अंदर सुरक्षा संस्थाएं हैं वो अपना काम करेंगी। अभी तक तो नेताओं की हिफाजत यह संस्थाएं करती रही हैं और आगे भी करेंगी.”

चिट्ठी के बाबत येचुरी से सवाल पूछने पर उन्होंने कहा, “अभी इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता क्योंकि मामला अदालत में और जांच के बाद ही पता चलेगा की असलियत क्या है?”

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