गांवों तक नहीं पहुंचा कैश, कोई है जो सुनेगा इनकी परेशानी?

0

lead-1जागो प्रशासन वालों, सुन लो इनकी कहानी
गांवों तक नहीं पहुंचा कैश, कोई है जो सुनेगा इनकी परेशानी?
500 और 1000 के पुराने नोट बंद होने के फौरी साइड इफेक्ट से परेशान लोग
हवा-हवाई है सारी व्यवस्था
मोदी के मास्टर स्ट्रो से परेशान गांवों की सुध कोई नहीं ले रहा है। कई ग्रामीण इलाकों में अब तक नई करेंसी पहुंची ही नहीं है। कहीं पहुंची है, तो बहुत कम। घर-द्वार छोड़कर ग्रामीण, खासतौर पर महिलाएं बैंकों में पहुंची हुई हैं। ग्रामीण इलाकों में बैंकों की हालत देखकर यह पता चल रहा है कि रिजर्व बैंक ने पूरी तैयारी नहीं की। सब व्यवस्था हवा हवाई चल रही है? 2 हजार के नोट दुकानदार लेने के लिए तैयार नहीं हैं? ऐसे में जाएं, तो जाएं कहां?
राष्ट्रीय उजाला संवाददाता
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ जिले के मेहनाजपुर कस्बे के रहने वाले रितेश श्रीवास्तव ने कहा कि 13 को बहन की सगाई है। हम तो पैसे रहते हुए भी कंगाल हो गए हैं। सुबह 5 बजे से लाइन में लगा हूं। पैसे मिलने की उम्मीद भी नहीं है। समझ नहीं आ रहा क्या करूं?
गोरखपुर के बेलघाट से एक शख्स ने बताया कि यहां ग्रामीण और स्टेट बैंक में अभी तक नई करेंसी नहीं पहुंची है। एटीएम बंद हैं। लोगों के पैसे जमा हो रहे हैं, मिल नहीं रहे। इसलिए लोगों को शादी-ब्याह और इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को भी यहां लोगों को नई करेंसी नहीं मिल पाई थी। लोग खाद, बीज और राशन के लिए परेशान हैं। गांवों में लोग शहरों की तरह अक्सर बैंक और एटीएम पर नहीं जाते। वे कुछ दिन के खर्च के लिए पैसा निकालकर घर में रखते हैं। अब इस फैसले को लेकर ग्रामीण परेशान हैं। महिलाएं अपने बच्चों को लेकर दिन भर बैंक के बाहर बैठी हुई हैं।
बनारस के फुटकर व्यापारी गोविंद गुप्ता कहते हैं कि दो दिन से तो ग्राहकों की किल्लत हो गई है। जो आ भी रहे हैं, तो उन्हें या तो उधारी देनी पड़ रही है, या मना करना पड़ा रहा है। बिना नाश्ता किए सुबह से एटीएम की लाइन में लगा हूं, भाई को पैसे चेंज करवाने के लिए बैंक की लाइन में लगा रखा है। भोपाल से एक पत्रकार ने कहा कि दूर-दराज के अंचलों और गांवों में असली परेशानी देखने को मिल रही है। पत्रकार ने बताया कि प्रदेश के छतरपुर जिले के श्मशान में 70 साल की बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार पुराने टायरों पर करना पड़ा, क्योंकि व्यापारियों ने अंतिम संस्कार की सामग्री देने से इनकार कर दिया था। परिवार के पास पांच सौ- हजार के नोट ही थे। मामले की भनक प्रशासन को लगी, तो आनन-फानन में व्यवस्था के निर्देश दिए गए।
यूपी, महाराजगंज के सिसवा कस्बे में एसबीआई की कृषि शाखा पर जुटी लोगों की भीड़। यहां की खास बात यह है कि कई देहात और गांव ऐसे हैं, जहां अब तक लोगों के पास ठीक से जानकारी भी नहीं पहुंची है। आगरा के खंदौली ब्लॉक के मनीष शर्मा कहते हैं कि दो दिन से एटीएम बंद पड़े हैं। बैंकों में पर्याप्त नए नोट नहीं हैं। इसलिए लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महाराजगंज के सिसवा कस्बे में भी अब तक नए नोट बैंकों में नहीं पहुंचे हैं। यहां के पत्रकार बताते हैं कि एटीएम बंद हैं। बैंक अभी 100 रुपये के पुराने नोट से काम चला रहे हैं। बैंकों के आगे पैसे के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी हुई है। जिनके घर शादी या फिर और कोई काम है वे लोग खासे परेशान हैं।
गांवों तक नहीं पहुंचा कैश, कोई है जो सुनेगा इनकी परेशानी?
कोटेशन
पत्रकार बताते हैं कि एटीएम बंद हैं। बैंक अभी 100 रुपये के पुराने नोट से काम चला रहे हैं। बैंकों के आगे पैसे के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी हुई है। जिनके घर शादी या फिर और कोई काम है वे लोग खासे परेशान हैं।

Share.

About Author

Comments are closed.