कपिल मिश्रा के आरोपों की निकली हवा?

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नई दिल्ली। आप फंडिंग विवाद में नया मोड़ आ गया है। पहली बार 2 करोड़ का चंदा देने वाला फर्जी कंपनियों का मालिक सामने आया है। मामला आम आदमी पार्टी को 50-50 लाख रुपये के चेक चंदे में देने का मामला है। पहली बार एक शख्स सामने आया है जिसका कहना है कि ये चारों कंपनियां जिनके नाम से आम आदमी पार्टी को 2 करोड़ रुपये का चंदा अप्रैल 2014 में मिला है वे कंपनियां फर्जी नहीं हैं, बल्कि वे चारों कंपनियां उसकी अपनी हैं। उत्तर पूर्वी दिल्ली के गंगा विहार में रहने वाले मुकेश शर्मा ने इस संवाददाता से कहा है कि ये चारों कंपनियां मेरी हैं। मैंने आप को 2 करोड़ का चंदा दिया था। मैंने डिमांड ड्राफ़्ट बनवाकर चंदा दिया था। मुकेश शर्मा ने बताया कि वह राजनीतिक पचड़े में नहीं पड़ना चाहते थे इसलिए जब यह मामला दो साल पहले उठा, तब मीडिया के सामने नहीं आए।
मुकेश ने बताया कि मैं अरविंद केजरीवाल को नहीं जानता न उनसे मिला, केवल चंदा देते समय पार्टी के सेक्रेटरी पंकज गुप्ता और खजांची संजू से मिला था। मैंने इसलिए चंदा दिया, क्योंकि मुझे लगता था कि ये राजनीति में कुछ अच्छा करने आए हैं। सवाल पूछा कि जब दो साल पहले यह मामला उठा था तब इन कंपनियों के पते पर जब रिपोर्टर जा रहे थे तो इसमें कोई नहीं मिल रहा था, इसलिए इन कंपनियों के फर्जी होने का शक हुआ तो मुकेश शर्मा ने बताया कि पहली बार इस तरह का कोई विवाद हुआ था, तो हम इसमें पड़ना नहीं चाहते थे। इसलिए हमने उन जगहों पर कहा था कि कोई भी आए मना कर देना इसलिए किसी को कुछ नहीं मिला, लेकिन अब 4 में से 3 कंपनी करावल नगर में रजिस्टर्ड हैं और एक अलीपुर नरेला में। आपको बता दें कि फरवरी 2015 में और अब कपिल मिश्रा और उनके सहयोगी ने आम आदमी पार्टी पर फर्जी कंपनियों से 2 करोड़ का चंदा लेने का आरोप लगाया था और इस मामले में अभी तक कुछ सामने नहीं आ रहा था, न कंपनी का ही कोई अता-पता मिल रहा था, लेकिन यह पहली बार है कि किसी ने सामने आकर कहा है कि कंपनियां असली हैं और चंदा उसने दिया है। मुकेश ने बताया कि उनकी ये कंपनियां कर्ज लेने-देने या जमीन की खरीद-फरोख्त का काम करती हैं। मुकेश ने बताया कि मैं अरविंद केजरीवाल को नहीं जानता न उनसे मिला, केवल चंदा देते समय पार्टी के सेक्रेटरी पंकज गुप्ता और खजांची संजू से मिला था। मैंने इसलिए चंदा दिया, क्योंकि मुझे लगता था कि ये राजनीति में कुछ अच्छा करने आए हैं।

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