आइये, जानें ‘वैलेंटाइन डे’ के पीछे की कहानी

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नई दिल्‍ली:हर 14 फरवरी को पूरे देश में प्रेम का दिवस यानी वैलेंटाइन डे मनाया जाता है, लोग अपने चाहने वालों को संत वेलेंटाइन के नाम पर फ्लार्स, गिफ्ट्स देते हैं. इस दिन को अपने प्रेमी के प्रति अपना प्रेम दिखाने के लिए बेस्‍ट दिन माना जाता है, आप अपने साथी के सामने इस दिन दिल खोलकर अपने प्रेम का इज़हार करते हैं, पर क्‍या आप जानते हैं कि इस दिन के पीछे का इतिहास क्‍या है. नहीं, तो आइए हम आपको बताते हैं.
कैथोलिक विश्वकोश के अनुसार, शुरूआत में 3 ईसाई संत थे. पहले रोम में पुजारी थे, दूसरे टर्नी में बिशप थे और तीसरे थे सेंट वेलेंटाइन, जिनके बारे में कोई इतिहास अभी तक सामने नहीं आया है, सिवाय इसके कि वे अफ्रीका में मिले थे. हैरानी की बात यह है कि तीनों वैलेंटाइन्स 14 फरवरी के दिन शहीद हुए थे. इनमें सबसे महत्वपूर्ण रोम के सेंट वेलेंटाइन माने जाते हैं.
रोम में तीसरी शताब्दी में सम्राट क्लॉडियस का शासन था, जिनके अनुसार एकल पुरुष विवाहित पुरुषों की तुलना में ज्‍यादा अच्‍छे सैनिक बन सकते हैं. वेलेंटाइंस, जो एक पादरी थे ने इस क्रूर आदेश का विरोध किया. इन्‍होंने अनके सैनिकों और अधिकारियों के विवाह करवाए. जब सम्राट क्लॉडियस को इस बात का पता चला तो उन्‍होंने वेलेंटाइंस को फांसदी पर चढ़वा दिया. इन्‍हीं की याद में वेलेंटाइंस डे मनाया जाने लगा.
कहते हैं सेंट वेलेंटाइन ने अपनी मौत के समय जेलर की अंधी बेटी जैकोबस को अपनी आंखे दान कीं. सैंट ने जेकोबस को एक पत्र भी लिखा, जिसके आखिर में उन्होंने लिखा था ‘तुम्हारा वेलेंटाइन’.

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