अमोनिया गैस रिसने से ब्लास्ट के बाद भरभराया कोल्ड स्टोरेज

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कानपुर जिले के शिवराजपुर में एक कोल्ड स्टोरेज की इमारत ढहने से पांच मजदूरों की मौत हो गई। इमारत ढहने का कारण अमोनिया गैस के रिसाव के बाद हुआ धमाका बताया जा रहा है। हादसे के बाद मौके पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम राहत एवं बचाव कार्य जारी रखे हुए है। यह कोल्ड स्टोरेज विश्वनाथ कटियार का है। रोज की तरह बुधवार को भी यहां पर मजदूर आलू निकाल रहे थे, तभी दोपहर करीब 12.30 बजे अचानक अमोनिया गैस का रिसाव हुआ और तेज धमाके के साथ पूरी इमारत भरभराकर गिर गई। इस हादसे में पांच मजदूरों की मौत हो गई जबकि आठ से अधिक घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामायण प्रसाद के मुताबिक शाम चार बजे से शाम छह बजे के बीच कोल्ड स्टोरेज के मलबे से पांच मजदूरों को निकाला गया है और इन सभी को मेडिकल कालेज ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने इन की जांच की तो वह मृत मिले। वहीं कानपुर के डीएम कौशल राज शर्मा ने कोल्ड स्टोरेज के लाइसेंस की जांच के आदेश दिए हैं। कोल्ड स्टोरेज के आसपास के इलाको में अमोनिया गैस इस बुरी तरह से फैली है कि प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य में लगे लोगों के पहनने के लिए भारी संख्या में मास्क मंगाए हैं। एडीएम सिटी केपी सिंह ने बताया कि शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्र शिवराजपुर के कटियार कोल्ड स्टोरेज में बुधवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे गैस का रिसाव शुरू हो गया। उसके बाद कोल्ड स्टोरेज में तेज धमाका हुआ और उसकी छत भरभरा गई।
इमारत के मलबे में दबे मजदूरों को बचाने में लगे लोग
दुर्घटना के समय कोल्ड स्टोरेज में करीब दो दर्जन से अधिक मजदूर दोपहर का खाना खा रहे रहे थे। धमाके के साथ कोल्ड स्टोरेज की छत इतनी तेज आवाज में गिरी कि सड़क के दूसरी तरफ कानपुर रेलवे पटरी पर खड़ी एक पैसेंजर ट्रेन के यात्री ट्रेन में धमाका समझकर ट्रेन से नीचे उतर गए। धमाका होते ही आसपास इतनी तेजी से गैस फैली कि लोगों में अफरातफरी मच गई और लोग बाहर निकल आए।
पांच की जगह लगा था 11 लेअर आलू
अमोनिया गैस के रिसाव के बाद ढही कोल्ड स्टोरेज की बिल्डिंग के संबंध में शुरूआती जानकारी में पता चला है कि स्टोरेज की क्षमता पांच लेअर थी, लेकिन ठेकेदार और मालिक की मिलीभगत के चलते यहां पर 11 लेअर आलू भरा गया था।

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