अमर सिंह और आजम खान ने अभद्र भाषा का प्रयुग करके सारी हदो को किया पर

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समाजवादी पार्टी में मुलायम और अखिलेश का झगड़ा तो खत्म हो गया लेकिन अमर सिंह और आजम खान का झगड़ा खत्म नहीं हो रहा है. आजम खान ने रविवार को अमर सिंह पर आपत्तिजनक बयानों की झड़ी लगा दी. आजम खान जब अमर सिंह पर हमलावर हुए तो वे भाषाई मर्यादाओं को लांघते हुए थोड़े भी हिचक नहीं रहे थे. आजम खान ने अमर सिंह का नाम लिए बिना उनके लिए दल्ला, सांड़ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया. अमर सिंह का बिना नाम लिए आज़म खान ने कहा, ” आप अच्छा तरह जानते हैं कि उस दल्ले तो मैंने जैसी खींची है वैसी किसी ने नहीं खींची है. उस दल्ले को उसकी औकात और हैसियत में भी मैंने ही रखा. आज़म खान ने आगे कहा, “ये दल्ला जहाँ जाता है चैनल वाले इसे ज़लील करने के लिए कहते हैं कि आजम खान तुम्हें दल्ला क्यों कहते हैं. इस गंजे दल्ले ने बोला सांड हूँ सांड, अरे सांड है तो फिर भी है तो जानवर, अगर जानवर ही होना था इस सांड को तो, सांड की खूबी क्या होती है जंगल में कोई खेत नहीं देखता कहीं भी मुँह मार देता है और फिर डंडों से इसकी पिटाई होती है. जानवर ही बनना था तो वफादार जानवर होते जो दरवाज़े पर बैठता है.. कम से कम मेम साब अमरपाली से थकी हुई आतीं तो पुचकार तो देतीं, बालों में हाथ फेर देतीं. मोदी पर हमला, इसके साथ ही आज़म खान ने पीएम मोदी पर भी हमला किया. उन्होंने रैली से कहा, “बताओ वज़ीर-ए-आज़म कहाँ हैं अच्छे दिन? वोटों के लिए भाई ने भाई का क़त्ल कर दिया. बिजनौर में एक हत्या हुई है. हमने सीबीआई जांच की मांग की है. हमने पुलिस से कहा है कि 15 तारीख़ से पहले हत्या का खुलासा होना चाहिए. आपको बता दें कि बीते 10 फरवरी को बिजनौर में एक बाप-बेटे पर जानलेवा हमला हुआ जिसमें एक शख्स की ंमौत हो गई. इस हत्या के बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया है. इस हत्याकांड को चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है और कहा जा रहा है कि चुनावी माहौल में सांप्रदायिक तनाव के तहत इस हत्या को साजिश के साथ अंजाम दिया गया है.

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